माँ पर निबंध 10 लाइन | My Mother Essay in Hindi (2022)

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दोस्तों आज के ब्लॉग में हम आज जो विषय लेकर आए हैं my mother essay in hindi, हमारे विद्यालयों में हमेशा माँ के उपर निबंध लिखने को बोला जाता है, तो ऐसे ही समय के लिए हम ये निबंध संग्रह लेकर आए हैं। आशा करते हैं कि आपको यह माँ निबंध संग्रह पसंद आएगा तो चलिए शुरू करते हैं इसे लास्ट तक जरूर पढ़िएगा।

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माँ पर निबंध My mother essay in Hindi

माँ एक ऐसा शब्द है, जिसके उच्चारण से मन में ऐसी भावना जाग जाती है जो करुणा, कोमलता और दया की भावना से भर जाती है, यही वह शब्द है जो हर बच्चा जन्म के बाद सबसे पहले बोलता है, माँ शब्द को परिभाषित करना अपने आप में एक बहुत ही जटिल कार्य है। स्त्री के गर्भ से ही जीवन का निर्माण होता है, जिससे वह माता कहलाती है।

एक माँ किसी के जीवन में सबसे पहली, सबसे अच्छी और सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति होती है क्योंकि उसके जैसा सच्चा और वास्तविक कोई नहीं हो सकता। वह अकेली है जो हमारे अच्छे और बुरे समय में हमेशा हमारे साथ रहती है। वह हमेशा अपने जीवन में दूसरों से ज्यादा हमारी परवाह करती है और हमसे प्यार करती है।

वह हमें अपने जीवन में पहली प्राथमिकता देती है और हमारे बुरे समय में हमें आशा की एक किरण देती है। जिस दिन हम पैदा होते हैं, वह माँ ही होती है जो असहनीय दर्द में भी खुश होती है।

वह हमारे हर सुख-दुख का कारण जानती है और हमेशा खुश रखने की कोशिश करती है। मेरे जीवन की सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति मेरी प्यारी माँ है। वह बहुत मेहनती और प्यार करने वाली महिला है।

मेरी मां परिवार के हर सदस्य का अच्छा ख्याल रखती हैं। वह सुबह जल्दी उठती है और हमारे लिए खाना बनाती है। मेरे दिन की शुरुआत अक्सर मेरी मां से होती है, वो सुबह जल्दी उठती हैं और मुझे जल्दी जगाती हैं। उसके बाद वह मुझे स्कूल के लिए तैयार करती है और बहुत स्वादिष्ट खाना बनाती है।

इसके अलावा वह मेरा होमवर्क करने में भी मेरी मदद करती है और वह मेरी सबसे अच्छी टीचर भी है। वह एक कंपनी की तरह घर को संभालती है। वह हमारे घर की हर चीज और जरूरत का बहुत ख्याल रखती है।

हमारे घर के लिए स्वादिष्ट खाना बनाती है, खरीदारी करती है और हमारे लिए भगवान से प्रार्थना भी करती है। इसके साथ ही वह हमारी हर छोटी-बड़ी जरूरतों का भी अच्छे से ख्याल रखती हैं।

जब भी मैं गृह अध्ययन करते समय किसी समस्या में फंस जाता हूँ, तो एक शिक्षक के रूप में माँ मेरी समस्याओं को हल करने में मेरी मदद करती है। इसलिए वह हर समय व्यस्त रहती हैं।

मैं अपनी मां की नैतिक शिक्षाओं के साथ बड़ा हुआ हूं। वह मेरी भावनाओं को बहुत अच्छी तरह समझती है। उन्होंने हर अच्छी-बुरी परिस्थितियों में मेरा साथ दिया और प्रेरित किया। मेरी भगवान से सदा यही प्रार्थना रहेगी की उनका स्वास्थ सदैव बना रहे और उनका आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ रहे।

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‘मेरी प्यारी माँ’ पर दूसरा निबंध essay on mother in Hindi

मां ईश्वर की सबसे सुंदर रचना है। माँ जो अपने बच्चों को सबसे ज्यादा प्यार करती है। उसकी खुशी के लिए वह अपना सब कुछ कुर्बान कर सकती है। माँ ही हमें जन्म देती है और देखभाल भी करती है।

मां के इस रिश्ते को दुनिया में सबसे ज्यादा सम्मान दिया जाता है। यही कारण है कि दुनिया में अधिकांश जीवनदायिनी और सम्माननीय चीजों को मां का नाम दिया गया है जैसे भारत मां, धरती मां, धरती मां, प्रकृति मां, गाय मां आदि।

इसके साथ ही मां को प्रेम और बलिदान के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। इतिहास ऐसी कई घटनाओं के वर्णन से भरा पड़ा है। जिसमें मांओं ने अपने बच्चों की खातिर तरह-तरह के दुखों को सहते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। यही कारण है कि मां का यह रिश्ता आज भी दुनिया के सबसे सम्मानित और महत्वपूर्ण रिश्तों में से एक माना जाता है।

मेरी माँ मेरी आदर्श

स्त्री के गर्भ से ही जीवन का निर्माण होता है, जिससे वह मां कहलाती है। इतिहास को टटोल कर देखें तो ऐसे बहुत से नायक और वीरों की कहानियाँ पढ़ने को मिलेंगी जिसमे उनकी माँ के उच्च विचार और वीरता की परछाई उनके जीवन में देखने को मिली।

जैसे शिवाजी महाराज के महांन व्यक्तित्व के पीछे उनकी माँ की परछाई देखें को मिलती है। जो असाधारण प्रतिभा की महिला थीं, जो शिवाजी के बचपन से ही भगवान राम, कृष्ण और भीम आदि की कहानियां शिवाजी को सुनाया करती थीं। और उन्हें बताया कि कैसे इन लोगों ने बुराई का विरोध किया और उस पर विजय प्राप्त की।

परिवार में बच्चे की पहली गुरु मां होती है और उनके द्वारा दी गई शिक्षा जीवन भर बच्चे के मानस पर अमिट छाप रहती है, दुनिया के हर रिश्ते को आप फिर से पा सकते हैं, लेकिन मां का रिश्ता हमे दोबारा नही मिलता है। माँ परिवार की गाड़ी का वह पहिया कि अगर वह गाड़ी से अलग हो जाता है, तो गाड़ी का एक्सीडेंट होना तय है।

माँ- एक शक्ति

जिस तरह एक माँ अपने बच्चों का ख्याल रखती है, वो कोई और नहीं कर सकता, वो रात भर नहीं सोती, वो खुद गीले में सोती है। लेकिन अपने बच्चे को सूखे में सुलाती है। कहा जाता है कि प्रसव के समय एक महिला को उतना ही दर्द होता है जितना कि एक साथ 600 हड्डियां के टूटने पर होता है।

लेकिन वह इस दर्द को हंसते हुए सहन कर लेती है, क्योंकि वह मां होती है, पुरुष एक बार जन्म लेता है लेकिन मां दो बार पैदा होती है, दूसरी बार जब वह किसी और को जन्म देती है।एक माँ जिस प्रकार घर को संभालती है वास्तव में वह देवी का ही रूप है वह सभी की ज़रूरतों से लेकर इच्छाओं का ख़याल रखती आयी है।

पहली शिक्षक- मेरी माँ

माँ हमारी पहली शिक्षिका है। वह हमें हाथ पकड़कर लिखना सिखाती है। वह हमेशा इस बात का ध्यान रखती हैं कि हम ठीक से पढ़ाई कर रहे हैं या नहीं। जीवन में अगर हम कभी निराश होते हैं तो हमारे लिए आशा की एक किरण जरूर होती है,वह होती है हमारी माँ। एक माँ कभी अपने बच्चे को हारते हुए नही देख सकती है।

“माँ आप दुनिया के लिए एक माँ हो पर अपने परिवार के लिए आप पूरी दुनिया हो”

हमारे लिए क्या सही है क्या ग़लत ये माँ से बेहतर कोई नही समझ सकता है। अगर वह कभी हमारी बात नही सुनती या किसी बात के लिए हमे मना करती है तो उसमे ज़रूर हमारी अच्छाई छिपी होती है।

मेरी माँ ने मुझे सबसे पहले सिखाया और चलना सिखाया, और जब मैंने अपना पहला कदम उठाया तो वह मेरे साथ थी। उसने मुझे लोगों पर विश्वास करना सिखाया है और किसी और के प्रति द्वेष नहीं रखना सिखाया है।

उन्होंने हमेशा मुझे तब तक चलते रहने के लिए प्रोत्साहित किया जब मैं हार मानने के लिए तैयार था। उसने सुनिश्चित किया कि मैं बचपन में सुरक्षित और खुश रहूँ। इस दुनिया में मां से बढ़कर कोई नहीं है। मां की शक्ति अतुलनीय है।

बच्चे के लिए मां की गोद सबसे प्यारी जगह होती है, जहां वह खुद को तमाम मुश्किलों से दूर पाता है। छोटा हो या बड़ा, हर कोई अपनी मां की गोद में सिर रखना पसंद करता है। माँ जैसा प्यार कोई नहीं कर सकता।

माँ के पास हमारी हर समस्या का समाधान है। माँ कभी डॉक्टर, कभी रसोइया, कभी सलाहकार तो कभी दोस्त। बच्चे के लिए मां ही पूरी दुनिया होती है।

मेरी प्यारी माँ’ पर तीसरा निबंध My mother essay 10 line

जीवन में ‘माँ’ का महत्व

माँ का अर्थ है हमारी जन्मदाता जो हमें दुनिया में लाती है। इस दुनिया में अगर भगवान के बाद किसी की पूजा की जाती है तो वह मां है। मां के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। वह बच्चे की पहली शिक्षिका है। माँ का हृदय बहुत कोमल होता है।

वह अपने बच्चों को बहुत लाड़-प्यार करती हैं और कभी डांटती हैं तो खुद रोती हैं। एक मां अपने बच्चों के साथ-साथ पूरे घर का भी ख्याल रखती है। घर में मां को बहुत सम्मान दिया जाता है। वह घर के सारे काम करती है और बच्चे की देखभाल भी बखूबी करती है।

मेरे लिए मां ही मेरी भगवान हैं। जब भी कोई परेशानी होती है तो मां के पास जाकर मन को शांत करता हूं। मुझे इस दुनिया में मां से बेहतर कोई नहीं समझ सकता। मेरी मां बिना मुझसे बात किए मेरे मन की बात जानती हैं।

मेरे आने से पहले ही वह मेरी आवाज पहचान लेती है। जब भी मुझे कोई समस्या होती है तो मेरी मां मुझे उसे हल करने की सलाह देती हैं। माँ ऑफिस के साथ-साथ घर भी जाती है। थकान या कमजोरी कुछ भी हो, मां सबका ख्याल रखती है।

इसलिए मैं हमेशा उनका ख्याल रखता हूं। मेरी मां घर और ऑफिस को बहुत अच्छे से संभालती हैं। माँ मेरी सबसे अच्छी दोस्त है। अगर मुझसे कोई गलती हो जाती है तो मेरी मां मुझे प्यार से समझाती हैं।

भगवान का दूसरा नाम ‘माँ’

जिनके जीवन में मां होती है उनके जीवन में हमेशा आशीर्वाद और प्यार बना रहता है। माँ मेरे जीवन का प्रेरक स्रोत है। मेरी मां हमेशा मुझे खुश करने की कोशिश करती हैं। माँ हमेशा सुबह उठती है और सबके उठने से पहले सब कुछ तैयार कर लेती है।

वह हमेशा मेरी चिंता करती है। मेरे घर आने तक उसकी निगाह घर के दरवाजे पर लगी रहती है। मां त्याग और प्रेम की प्रतिमूर्ति हैं। वह तब तक नहीं खाती जब तक हम नहीं खाते। इस जीवन में एक माँ के रूप में कोई और देखभाल नहीं कर सकता है।

माँ ही हमारी सच्ची मार्गदर्शक है। जीवन में जब भी हम पथभ्रष्ट हो जाते हैं तो माँ हमें सही राह दिखाती हैं। माँ अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देती है और अच्छी शिक्षा देती है ताकि वे जीवन में एक अच्छे और सफल व्यक्ति बन सकें।

माँ.. भगवान का दूसरा नाम होती है, उसके अपनों में उसकी जान होती है।
खुशकिस्मत हैं वो लोग, जिन्हें ऐसा ज़िन्दगी भर का सौभाग्य मिलता है,
वरना उसकी कमी से, सब कुछ होते हुए भी ज़िंदगी आम होती है।

इस दुनिया में मां के समान दयालु कोई नहीं है। माँ को कोई आराम और धन नहीं चाहिए। उन्हें बस अपने बच्चों की खुशी चाहिए। एक मां के लिए अपने बच्चों से बढ़कर कुछ नहीं होता। एक मां अपने बच्चों के लिए जितना त्याग कर सकती है उतना शायद ही कोई कर सकता है।

मातृत्व का सुख

मातृत्व एक ऐसा बंधन है जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। बच्चे को जन्म देने के साथ-साथ मां उसके पालन-पोषण का काम भी करती है। चाहे कुछ भी हो जाए, एक माँ का अपने बच्चों के लिए प्यार कभी कम नहीं होता, उसे खुद से ज्यादा अपने बच्चों की सुख-सुविधाओं की चिंता होती है।

मां अपने बच्चे की रक्षा के लिए बड़ी से बड़ी विपदा का सामना करने का साहस रखती है। एक मां खुद कितना भी दर्द सह ले, लेकिन अपने बच्चों को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होने देती।

इन्हीं कारणों से मां को धरती पर भगवान का रूप माना गया है और इसलिए यह कहावत भी काफी प्रचलित है कि “भगवान हर जगह मौजूद नहीं हो सकते, इसलिए उन्होंने मां को बनाया है।”

माँ हमेशा अपने बच्चों को सच बोलना सिखाती है। वह कड़ी मेहनत और ईमानदारी से काम करके जीविकोपार्जन करना सिखाती है। जीवन की परेशानियों का सामना करते ही मां की गोद में आते ही सारे दुख भुला दिए जाते हैं।

उनके प्यारे और प्यार भरे थपेड़े हमें शांति देते हैं। जब भी मैं बीमार होता हूं तो मां हमेशा मेरा ख्याल रखती हैं। वह ऐसा तब तक करती है जब तक मैं ठीक नहीं हो जाता।

एक माँ अगर हमसे नाराज़ भी हो जाए तो भी वो ज़्यादा देर तक नाराज़ नहीं रहती। वह हमेशा अपने बच्चों और परिवार के भविष्य के लिए भगवान से प्रार्थना करती है। वह हमें नहीं बताती कि वह बीमार है या वह थकी हुई है। लेकिन मैं अपनी मां की आंखों को देखकर समझता हूं।

मैं मां के काम में जितना हो सकता है मदद करता हूं। जिंदगी में हम कितने भी बड़े क्यों न हो जाएं, मां के लिए सिर्फ बच्चे ही रहेंगे।

निष्कर्ष

हम जीवन में चाहे कितनी भी ऊंचाई पर पहुंच जाएं, एक मां के लिए उसके बच्चे हमेशा साथ रहते हैं। माँ हमेशा हमारा ख्याल रखती है। जब तक हम चैन से नहीं सोते, वो भी नहीं सोती। माँ बहुत बलवान है।

उनका जीवन उनके बच्चों से शुरू होता है, उनके साथ समाप्त होता है। बच्चा दुखी होता है तो मां तुरंत ही अपने प्यार से बच्चे को मना लेती है। माँ ईश्वर का दिया हुआ एक सुन्दर उपहार है।

मुझे अपनी मां से बहुत प्यार है। मां को खुश रखना भी मेरी जिम्मेदारी है जिसे मैं हमेशा निभाऊंगी। अंत में मैं माँ के लिए एक कविता बताना चाहता हु जो इस प्रकार से है।

ऐसा नहीं कि मां को बनाकर खुदा ने जश्न मनाया,
बल्कि सच तो यह है कि वह बहुत पछताया,

कब उसका एक एक जादू किसी
और ने चुरा लिया,वह जान भी नहीं पाया,

खुदा का काम था मोहब्बत,वह मां करने लगी,
खुदा का काम था हिफाजत,वह मां करने लगी,
खुदा का काम था बरकत,वह भी मां करने लगी,

देखते ही देखते उसकी आंखों के सामने
कोई और परवरदिगार हो गया,

वह बहुत मायूस हुआ बहुत पछताया,
क्योंकि मां को बनाकर खुदा बेरोजगार हो गया।

दोस्तों आज का यह निबंध आपको कैसा लगा। मुझे उम्मीद है आपको कोई और पोस्ट पसंद आई हो या नहीं लेकिन इस पोस्ट को पढ़कर आपके भी आँखो में आंसू आ गए होंगें। दोस्तों पूरी दुनिया में केवल एक माँ ही है जिसके दूध का कर्ज हम कभी नहीं चुका सकते।

इसलिए जितना हो सके दोस्तों बुढ़ापे में अपनी माँ की खूब सेवा करना। और दोस्तों पोस्ट अच्छी लगी हो तो माँ के साथ जरूर शेयर करना।

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