मेरा भारत महान पर निबंध | Mera Bharat Mahan Essay In Hindi [2022]

दोस्तों आज हम आपके लिए हिंदी व्याकरण में लेकर आए हैं, mera bharat mahan essay in hindi जो बहुत ही सरल भाषा में लिखा गया है। मेरा भारत अपनी अनूठी संस्कृति और विरासत के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। हमारा भारत देश पर ये निबंध आपको भारत देश की महानता के बारे में बताएगा | जिससे आपका सीना और भी गर्व से उँचा हो जाएगा | यह निबंध आप हमारे स्कूल या कॉलेज में निबंध प्रतियोगिता में लिख सकते हैं। और सोशल मीडिया पर शेयर भी कर सकते हैं।

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मेरा भारत महान पर निबंध – (Mera Bharat Mahan Essay In Hindi)

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Mera Bharat Mahan Essay In Hindi

प्रस्तावना-

हमारा प्यारा देश भारत अत्यंत प्राचीन संस्कृति वाला महान एंव सुंदर देश है। यह ऐसा पावन एंव गौरमय देश है, जहां देवता भी जन्म लेने को लालायित रहते हैं। हम अपने इस देश को स्वर्ग से भी बढक़र मानते हैं। इस देश की प्रशंसा कविवर प्रसाद ने इन शब्दों में की है.

‘’अरुण यह मधमय देश हमारा
जहां पहुंच अनजान शिक्षित को मिला एक सहारा।

हम सभी नागरिक हमारे देश भारत से बहोत प्यार करते है । हमारे देश मे कई जाती और धर्म के लोग रहते है । लेकिन जब हमारे देश पर कोई आफत या आपदा आ जाए तो हम सब मिलकर उसका सामना करते है । इसीलिए तो पूरे विश्व मे हमारे भारत को विविधता मे एकता का देश कहा जाता है । हमारे देश के कण-कण में एक-दूसरे के प्रति प्रेम बसा हुआ है ।

अनेकता में एकता-

भारत अनेकता में एकता का देश है। यहा पर हिंदू, जैन, बौद्ध, सिख, इस्लाम, पारसी और ईसाई आदि धर्मों के लोग रहते है। इतना ही नहीं, यह सारे धर्म कई प्रकार की जातियों और उप-जातियों में विभाजित है और इन सबके बाद भी यह लोग कई रंग पंथ रीति-रिवाजों कपड़े, भोजन और त्योहारों मे विभाजित होते है।

भारत में लोग लगभग 200 से भी ज्यादा भाषाएँ बोलते है लेकिन फिर भी एक होकर रहते है, इसीलिए तो हमारे यहा अनेकता में एकता है। इसीलिए कहा जाता है की, दुनिया के अलग-अलग देशो मे कई धर्म के लोग रहते है। लेकिन इन सभी धर्मों को बढ़ावा देने वाला और रक्षा करने वाला एक ही देश है, भारत।

हमारी भौगोलिक परिस्थितियो मे भी काफी विविधता है। जैसे कई जगह हीमपात तो कई जगह शुष्क रेगिस्तानए कई जगह घने जंगल तो कई जगह मैदान और कई जगह नदी और घाटियों तो कई जगह ऊंचे-ऊंचे पर्वत।
हमारे यहा कई बार अत्यधिक ठंडी तो कई बार अत्यधिक गर्मी होती है। कई बार सूखा तो कई बार अति वर्षा का माहौल हमारी बारिश का है।

शूरवीरो की भूमि भारत-

भारत वीरों की भूमि रही है यहां महाराणा प्रताप पृथ्वीराज चौहान, छत्रपति शिवाजी महाराज, भगत सिंह, महात्मा गाँधी, चंद्रशेखर आजाद जैसे वीरों ने भी जन्म लिया है, जिन्होंने हमारे देश को विदेशी ताकतों से बचाया और अंत तक इसकी रक्षा की।
ऐसे शूरवीरों ने अपनी जान की परवाह किए बिना भारत की सभ्यता और संस्कृति की रक्षा करी। और भारत को अंग्रेज़ जैसे खतरनाक विरोधियो से आज़ाद कराया।

हमारे भारत देश की संस्कृति-

भारत मे ही सबसे पहली संस्कृत भाषा का उद्धव हुआ था। और इसी से मिलकर अन्य भाषाएं बनाई गयी थी। लेकिन हमारे देश की मातृभाषा हिंदी है। भारतीय संस्कृति का मिसाल पूरे दुनिया में दी जाती है, भारतीय संस्कृति सर्वाधिक संपन्न और समृद्ध है, और अनेकता में एकता ही इसकी मूल पहचान है, भारत ही एक ऐसा देश है

यहां पर कई जाति के लोग मिलजुल कर एक साथ रहते हैं, और सभी लोग अपने अपने धर्मों का पालन करते हुए स्वतंत्र रूप से एक जीवन व्यतीत करते हैं। हमारी संस्कृति ने हमे अतिथि देवो भवः सिखाया है। जिसका अर्थ होता है कि अतिथि देवता के समान है यही हम भारतवासियों की संस्कृति है।

इसके अलावा भी भारत शिल्प, नृत्य, संगीत और कला के लिए भी जाना जाता है और देश के सभी त्योहारों को देश के हर धर्म के लोग बड़े उत्साह के साथ और मिल-जुलकर मनाते है । इसीलिए हम सभी भारतवासी अपने देश को स्वर्ग से बढक़र मानते है।

हमारे पूर्वजो ने हमे अपनी संस्कृति का आदर और उसका सम्मान करना सिखाया है।

भारत का लोक्तन्त्र-

भारत सहित दुनिया के कई देशों में लोकतांत्रिक शासन प्रणाली लागू इसके साथ ही भारत को विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रुप में भी जाना जाता है। हमारे देश का लोकतंत्र संप्रभु समाजवाद धर्मनिरपेक्षता लोकतांत्रिक गणराज्य सहित पांच लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर कार्य करता है।

1947 में अंग्रेजों के औपनिवेशिक शासन से स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद भारत को एक लोकतांत्रिक राष्ट्र घोषित किया गया था। आज के समय में हमारे देश को ना सिर्फ विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रुप में जाना जाता है बल्कि कि इसके साथ ही इसे विश्व के सबसे सफल लोकतंत्रों में से एक लोकतंत्र के रुप में भी जाना जाता है।

विज्ञान क्षेत्र मे हमारा भारत-

भारतीय विज्ञान का विकास प्राचीन काल में हुआ। यदि यह कहा जाए कि भारतीय विज्ञान की परम्परा विश्व की प्राचीनतम परम्परा है, तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। जिस समय यूरोप में खानाबदोश जातियाँ अपनी बस्तियाँ स्थापित करना सीख रही थीं | उस समय भारत में सिंधु घाटी के लोग व्यवस्थित तरीके से नगर बसा कर रहने लगे थे।

उस समय तक भवन-निर्माण, धातु-विज्ञान, वस्त्र-निर्माण, परिवहन-व्यवस्था आदि उन्नत दशा में विकसित हो चुके थे। फिर आर्यों के साथ भारत में विज्ञान की परंपरा और भी विकसित हो गई। इस काल में गणित ज्योतिष, रसायन, खगोल, चिकित्सा, धातु आदि क्षेत्रों में विज्ञान ने खूब उन्नति की। विज्ञान की यह परंपरा ईसा के जन्म से लगभग 200 वर्ष पूर्व से शुरू होकर ईसा के जन्म के बाद लगभग 11वीं सदी तक काफी उन्नत अवस्था में थी।

इस बीच आर्यभट्ट, वराहमिहिर, ब्रह्मगुप्त, बोधायन, चरक, सुश्रुत, नागार्जुन, कणाद से लेकर सवाई जयसिंह तक वैज्ञानिकों की एक लंबी परंपरा विकसित हुई। आज देखा जाय तो जिस देश के पास अच्छी तकनीक और विज्ञान हैए उस देश का विकास आसमानों को छु रहा है। भारत आज दुनिया की महसत्ता कहलाने वाले जैसे देशो को चुनोती दे रहे है ।

भारत की भौगोलिक स्थिति-

भारत (1947 से पहले अविभाजित) एशिया का एक बड़ा देश है, जिसके बाकी हिस्सों में उत्तर, उत्तर-पूर्व और उत्तर-पश्चिम में ऊंचे पहाड़ हैं, और बाकी देशों में महासागर हैं। यह एक उपमहाद्वीप की तरह है। पहाड़ों और समुद्र से घिरे, प्रकृति ने इस देश को भौगोलिक एकता दी है।

भारत के पूर्व की और एशियाई महाद्वीप, उत्तर-पश्चिम की और इजरायल, अरब, अफगानिस्तान, ईरान, और इराक जैसे छोटे देश, दक्षिण-पूर्व की और इंडोनेशिया, बर्मा, सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड और वियतनाम जैसे देश शामिल है ।

हमारे उत्तर की और दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत श्रृंखला यानि हिमालय है । और बाकी तीन दिशाओ मे बड़े-बड़े समुद्र और महासागर है ।

भारत के ऐतिहासिक स्थानो की बात करे तो, दुनिया के सात अजूबो मे हमारा ताजमहल भी शामिल है । पूरी दुनिया के पर्यटक भारत के महान स्मारकों को देखने आते है, जैसे लाल किला, फतेहपुर सीकरी, स्वर्ण मंदिर और कुतुब मीनार ।

अगर नदियो की बात करे तोए भारत एक मात्र एसा देश है जो नदियों को पूजता है । यहां हर जाती और धर्म के लोग नदियों का सम्मान करते है ।भले ही अंग्रेजों ने भारत को लूटकर सोने की चिड़िया से खाली घर बना दिया हो ।लेकिन इसके बाद भी भारत के सुपुत्रो ने अपनी मेहनत, लगन और इमानदारी से भारत को खड़ा किया । और आज भारत ने फिर से सोने की चिड़िया बनने की राह पकड़ ली है ।

निष्कर्ष-

भारतीय संस्कृति का चर्चा पूरे देश में होता रहता है, विदेशों में भी लोग भारतीय संस्कृति का बहुत सम्मान करते हैं, बहुत से लोग भारतीय संस्कृति को विदेशों में भी अपनाते हैं, हमें भी भारतीय संस्कृति का सम्मान करना चाहिए और हमें गर्व होना चाहिए कि हम एक भारतीय हैं।

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मेरा भारत महान पर छोटा निबंध (Short essay on mera bharat mahan in hindi)

1. भारत गौरवमय देश है, भारत की संस्कृति आज पुरे विश्व में अपनाई जा रही है।
2. भारत देश को सर्वसंपन देश माना जाता है। क्युकी यहाँ इतना अनाज पाया जाता है की अकाल पड़ने पर 6 महीने तक पुरे देश को आसानी से राशन खिलाया जा सकता है।
3. भारत को हिंदुस्तान कहते हैं पर यहाँ न केवल हिन्दू बल्कि मुस्लिम, सिख, ईसाई कई धर्मो के लोग रहते हैं। इस प्रकार भारत सभी धर्मो के लोगो को बराबर मान और सम्मान देता है।
4. भारत देव भूमि के नाम से जाना जाता है। माना जाता है की यहाँ की भूमि में देवो का वास है।
5. देव भूमि होने के कारण लगने वाले कुंभ मेले और अमरनाथ की यात्रा में विदेशो से लोग यहाँ घूमने आते हैं।
6. भारत इकलौता ऐसा देश है जिसे यहाँ के निवासी माँ का दर्जा देते है।
7. वाकई हमारा भारत बहुत महान है मुझे गर्व है की मेरा जनम इस देश की पवित्र भूमि में हुआ।

Mera Bharat Mahan Nibandh – (Mera Bharat Mahan Essay In Hindi)

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Mera Bharat Mahan Essay In Hindi

दुनिया में भारत एक ऐसा देश है, जिसने बदलते समय के साथ बहुत ज्यादा विकास किया है भारत पूरे विश्व में विश्व गुरु माना जाता है नागरिक को भारतीय होने पर गर्व है, हमारे देश ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है, आइए भारत के गौरवशाली इतिहास के बारे में विस्तार से जानते हैं।

महान सभ्यता एवं संस्कृति-

मेरा भारत देश कृषि प्रधान देश है, मेरे भारत की संस्कृति अद्वितीय है, मेरे भारत देश ने विज्ञान और पौधों के क्षेत्र में बहुत प्रगति की है। मेरा भारत यहां की नदियों और राज्यों के लिए महान है। यहां की बहुत खास बातें मेरे देश को महान बनाती है। भारत का इतिहास प्रारंभ से ही गौरवशाली रहा है हमारा देश विश्वगुरु रहा है, संसार के इतिहास में अनेक सभ्यताएं और संस्कृति जन्मी और मिट गई परंतु हमारी भारतीय संस्कृति जीवित है

इसका कारण है, हमारे उच्च कोटि के जीवन मूल्य – वसुधैव कुटुंबकमश् और सर्वे भवन्तु सुखिन”

भारतीय संस्कृति की मिसाल पूरे विश्व में दी जाती है, भारतीय संस्कृति सर्वाधिक संपन्न और समृद्ध है। भारतीय संस्कृति विश्व की सबसे पौराणिक संस्कृति है। भारत में कई महाराजाओं ने शासन किया और सभी ने अपनी संस्कृति, परंपराओं और रीति-रिवाजों की गहरी छाप छोड़ी, सिंधु घाटी सभ्यताएं इसका एक विशेष उदाहरण हैं।

सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश-

लोकतांत्रिक राष्ट्र एक ऐसा राष्ट्र होता है, जहां नागरिक अपने चुनाव करने के अधिकार को इस्तेमाल करके अपनी सरकार चुनते हैं। लोकतंत्र को कभी-कभी बहुमत के शासन, के रूप में भी जाना जाता है। दुनिया भर के कई देश लोकतांत्रिक सरकारे है, लेकिन अपने विशेषताओं के कारण भारत को दुनियां के सबसे बड़े लोकतंत्र के रुप में जाना जाता है।

भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, यहां की आबादी 1 अरब से ऊपर है इतनी बड़ी जनसंख्या और विशाल और विविध भौगोलिक क्षेत्र में चुनाव का संपन्न कराना वास्तव में चुनौतीपूर्ण है फिर भी हमारे देश में ऐसी व्यवस्था को अपनाया हुआ हैद्य प्राचीन समय में भी भारत में लोकतंत्र था शायद इसलिए यह यहां सफल रहा है।

प्राकृतिक सौंदर्य-

भारत का प्राकृतिक सोंदर्य, भारत का प्राकृतिक सोंदर्य अनुपम और विविध है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी और गुजरात से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक भारत मे प्राकृतिक सोंदर्य के अद्भुत दर्शन होते है। हर प्रदेश अपने अंदर सुंदर प्राकृतिक सोंदर्य को सजोए हुए है। शिमला,मनाली, नैनीताल, कश्मीर, दार्जिलिंग, उंटी, गोवा आदि प्राकृतिक स्थल न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व मे अपने सोंदर्य के लिए प्रसिद्ध है।

लाखो विदेशी पर्यटक हर साल भारत के प्राकृतिक स्थलों का लुत्फ उठाने आते है। गंगा-यमुना, नर्मदा, ब्रह्मपुत्र, कृष्णा, गोदावरि आदि बड़ी-बड़ी नदियां प्राकृतिक सोंदर्य को बढ़ाने का काम करती है। यहाँ प्राकृतिक विविधता के मनोहारी दर्शन होते है।

प्राकृतिक सोंदर्य के अद्भुत नजारे भारत मे देखने को मिलते है। केरल, उत्तरपूर्व, छत्तीश्गढ़ आदि की हरियाली, प्राकृतिक सोंदर्य का एक मनमोहन उदाहरण है। सभी प्रकार से भारत का प्राकृतिक सोंदर्य अलौकिक, अद्भुत और मन को आनंदित करने वाला है। हम भारतवासियों को प्रकृति के इस उपहार को सहेज के रखना चाहिए

भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्य-

जननी जन्म भूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी ॥
अर्थात माता और मातृभूमि का स्थान स्वर्ग से भी ऊपर है।

भारत के अपने उच्च कोटि के जीवन मूल्यों के कारण ही आज हमारी संस्कृति की गौरवशाली परंपरा जीवित है | हमारा देश विश्व का ज्ञान गुरु रहा है, उसने सारे संसार को सिखाया है, वसुधैव कुटुंबकम अर्थात सारा संसार तुम्हारा परिवार है हमारे विषयों की वाणी ने जन-जन के हित की चिंता की है, वेदों में कहा गया है-

सर्वे भवन्तु सुखिन, सर्व संतु निरामया।
सर्वे भद्राणि पश्यंतु मां कश्चित् दुरूखभाग भवेत्।।

अर्थात संसार में सब सुखी और निरोगी हो। सब एक दूसरे का गुणगान करें। किसी के भी हृदय में आंशिक दुख ना हो। इसी प्रकार स्त्रियों को आदर देते हुए कहा गया है.

यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवता।

उपसंहार-

हमारा देश भारतए संसार के सभी देशों में शांति चाहता है, वह सबका हित एवं विकास चाहता है लेकिन मैं सच कहूं तो मेरा भारत महान कहना मुझे बड़ा अच्छा लगता है और यह सही भी है, मेरा भारत विज्ञान प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी बहुत आगे है। यहां पर वैज्ञानिक नई नई प्रौद्योगिकी का आविष्कार कर रहे हैं। आज हमारी देश की पहुंच अंतरिक्ष तक हो गई है। आज भारत के कई प्रकार के सॅटॅलाइट पृथ्वी के चारों ओर घूम रहे हैं।

अंत में मैं इतना कहना चाहती हूं।
सारे जहां से अच्छा हिंदू सीता हमारा
हम बुलबुले हैं इसकी यह गुलसिता हमारा

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Mera Bharat Mahan Essay In Hindi

परिचय-

भारत महान देश है। उसकी सभ्यता विशाल और विविध है। उसका इतिहास घटनाओं से भरा है। वह शुरुआती समय से बाहरी दुनिया के लिए जानी जाती थी। पूर्व में उसे ज्ञान की भूमि के रूप में सम्मान मिला। पश्चिम में वह धन की भूमि के रूप में प्रसिद्धि के लिए बढ़ी। युगों से भारत के गौरव को विश्व इतिहास में जगह मिली।

भारत का मूल नाम भारतवर्ष है, या भारत भूमि है। पौराणिक आकृति के रूप मेंए भरत राजा दुष्यंत और शकुंतला के पुत्र थेए और एक शक्तिशाली नायक थे। प्राचीन आर्यों ने महान सम्राट के नाम पर अपनी भूमि का नाम दिया। एक अन्य मान्यता के अनुसार, भरत रुषभ देव का पुत्र था और एक महान राजा था।

उनके नाम के बाद भारतवर्ष नाम दिया गया। यह नाम हिमालय से लेकर समुद्र तक की पूरी भूमि पर लागू था। इसमें संपूर्ण भौगोलिक भारत समाहित है। इस भूमि के लोगों को भरत.संतति या भरत के वंशज के रूप में वर्णित किया गया था।

भारत का नाम सिंधु नदी के नाम से पड़ा। पूर्वजों फारसियों ने उस नदी को हिंदू कहा था। समय के साथ लोगों के लिए हिंदू नाम लागू किया गया और भूमि को हिंद कहा गया।

हमारा देश भारत विज्ञान में काफी उन्नति कर चुका है। यह अणुशक्ति में भी किसी बड़े राष्ट्र से पीछे नहीं है। हिंन्दी भारत संघ की राष्ट्रभाषा है। राष्ट्र चिहन अशोक स्तम्भ के सिंह है। चक्रांकित तिरंगा यहां का राष्ट्रीय ध्वज है। जन- गण-मन हमारा राष्ट्रीय गान तथा वन्देमातरम् राष्ट्रीय गीत है। और मोर राष्ट्रीय पक्षी तथा बाघ राष्ट्रीय पशु है। तुला राष्ट्रपति का चिह्न है।

भारतीय जलवायु-

जलवायु की दृष्टि से भी हमारा देश विश्व में श्रेष्ठ है। यहां प्रकृति ने छ ऋतुएं दी हैं। वसंत से प्रारम्भ होने वाला ऋतुओं का यह चक्र ग्रीष्म, वर्षा, शरद तथा हेमंत से होता हुआ शिशिर पर समाप्त होता है। इसीलिए राष्ट्र कवि मैथिलीशरण गुप्त ने कहा है कि घट् ऋतुओं का विविध दृश्य युत अदभुत है |

हरियाली का फर्श मखमल से कम नहीं
शुचि सुधा सींचती है रात में चांदनी है तुम पर,
हे मातृभूमि, दिन में तरणि, करता तम का नाश है।

विश्व का कोई भी ऐसा देश नहीं है जहां हमारे देश की तरह संतुलित जलवायु हो। भारत ही एक ऐसा राष्ट्र है जहां ज्यादा गर्मी भी पड़ती है तो शरद ऋतु में ठंड भी अधिक पड़ती है। वर्षा ऋतु में बारिश भी जमकर होती है। वर्ष भर का वातावरण छरू ऋतुओं में विभक्त है।

भारतीय संस्कृति और कला-

ज्ञान के भण्डार में भी हमारा देश विश्व में अग्रणी है। विश्व के आदि पुस्तक वे जो कि ज्ञान के भण्डार हैं ऐसे धार्मिक ग्रन्थ विश्व में कहीं नहीं पाये गये। भारत की प्राचीन वास्तुकला अपने आप में एक बेजोड़ नमूना है। आज भी विश्व के लोग भारत के अध्यात्म और जीवन मूल्यों के प्रति आकर्षित हैं। यही कारण है कि भौतिक सुखों को त्याग आत्म ज्ञान प्राप्ति के लिए आज भी विदेशियों का भारत आना जारी है।

संस्कृति, सभ्यता, जीवन मूल्य, जीवन शैली तथा आत्म विकास का ज्ञान भारत की भूमि के कणकण में व्याप्त है। भारतीय कला के अन्तर्गत आने वाली नृत्य-संगीत, नाटक, साहित्य, प्रदर्शनी, खेल तमाशे आदि हैं। इनमें से भारतीय नृत्य-कला का प्रभाव भारतीय कला को अत्यधिक रूप में प्रभावित करने वाला है।

भारतीय नृत्य कला के अन्तर्गत ताँडव नृत्य की विभिन्न शैलियाँ आज विकसित होकर न केवल विदेशियों को आकर्षित करती हैं| अपितु नृत्य कला के क्षेत्र में अपना अत्यन्त महत्वपूर्ण स्थान रखती है। कथक नृत्य, भरत नाटयम, मणिपुर नृत्य, भांगड़ा नृत्य, घुमर, गरवानृत्य, नौटंकी आदि भारतीय नृत्य कला की विशिष्ट कोटियाँ हैं, जो हमें गर्वित और स्वाभिमानी होने का सुअवसर प्रदान करती हैं।

भारत एक प्रगतिशील देश –

हमारे देश की भूमि उपजाऊ है। यहां पर 75 प्रतिशत भारतीय कृषि करते हैं। यहां कुटीर उद्योग उन्नति पर हैं। औद्योगिक उत्पादन प्रगति पर है। इस समय यहां से कपास सनचावल, मसाले, तिलहन, चमड़ा, ऊनसिलाई की मशीनें और साइकिलें सूती कपड़ा, सोना, चांदी, तांबा, कांच की वस्तु, रेशमी वस्त्र, दवाइयां और मशीनें निर्यात की जाती हैं।

हमारे देश भारत की सात पंचवर्षीय योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं और आठ पंचवर्षीय योजना चालू है। पंचशील, और ‘सह-अस्तित्व में हम भारतीयों की पूर्ण आस्था है। हमारे राष्ट्र ने विभिन्न क्षेत्रों जैसे कृषि, उद्योग, विज्ञान एवं परमाणु शक्ति आदि क्षेत्रों में आशातीत प्रगति की है। आज हमारे देश की गणना परमाणु शक्ति सम्पन्न राष्ट्रों में होती है।

हमारा देश परमाणु शक्ति का प्रयोग मानव जाति के संहार के लिए नहीं बल्कि मानव जाति की भलाई के लिए कर रहा है। भारत हमेशा विश्व में सुख और शांति बनाए। रखने का पक्षधर रहा है। वह विश्व के सभी राष्ट्रों को स्वतंत्र देखना चाहता है। अंतर्राष्ट्रीय जगत में भारत गुटनिरपेक्षता की नीति का सूत्रधार एवं पक्षधर रहा है।

हमारे देश की सर्वजन सुखाय व सर्वजन हिताय की भावना में दृढ़ विश्वास है और मानव-मानव में सद्भाव व प्रेम संचार करने में प्राचीन काल से ही कार्यरत है। परोपकार, त्याग के जितने सुन्दर उदाहरण हमारे महापुरुषों के मिलते हैं, शायद ही किसी अन्य राष्ट्र के मिलें। भगवान श्री राम, श्री कृष्ण, महावीर, बुद्ध, महर्षि दधीचि आज संपूर्ण मानव जाति के लिए आदरणीय व पूजनीय हैं।

इनके अतिरिक्त प्रतापी सम्राट विक्रमादित्य, चन्द्रगुप्त मौर्य, अशोक, अकबर तथा शिवाजी जैसे सम्राट तथा रानी लक्ष्मी बाई, तात्या टोपे सरदार भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु चन्द्रशेखर आजाद जैसे महान स्वाधीनता स्वतंत्रता सेनानी भी हमारे ही देश में पैदा हुए हैं।

इस पृथ्वी पर किसी विशेष भू-भाग को जिसका अपना संविधान हो, जिसकी अपनी संस्कृति हो देश कहा जाता है।

प्रत्येक देश अपनी संस्कृति एवं परम्पराओं का अनुसरण करते हुए उन्नति के पथ पर आगे बढ़ता है । किसी भी देश की मूल संस्कृति उस देश के नागरिकों के आचरण, उनके पर्व, त्योहारों में स्पष्ट दृष्टिगोचर होती है। हमारा देश भारत एक प्राचीन देश है और इसकी प्राचीनता यहाँ की संस्कृतिए परम्पराओं और यहाँ स्थित प्राचीन मंदिरों मस्जिदों इत्यादि में स्पष्ट दिखाई देती है।

उपसंहार-

हमारे विशाल देश भारत को प्राचीन होने के साथ-साथ मानव सभ्यता के उद्भव एवं विकास का स्रोत होने का भी गौरव प्राप्त है। हमारे प्राचीन देश भारत में ही मानव सभ्यता का आरम्भ हुआ था। प्राचीन काल से ही यहाँ जन्म लेने वाले ऋषिमुनियों, तपस्वी महात्माओं ने इस पावन भूमि पर मानव का चरित्र एवं समाज के निर्माण हेतु उचित पथ प्रदर्शन किया है। इसी पावन भूमि पर धर्म एवं संस्कृति का विकास हुआ है।

Mera Bharat Mahan – (Mera Bharat Mahan Essay In Hindi)

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Mera Bharat Mahan Essay In Hindi

प्रस्तावना

भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जिसकी संस्कृति, युवा शक्ति और नारी शक्ति को पूरा विश्व सलाम करता है। भारत को सोने कि चिड़िया भी कहा जाता था। भारत प्रगतिशील देशों में से एक है। यहाँ पर बहुत सारी भाषाएँ बोली जाती और इसकी राष्ट्रीय भाषा हिंदी है।

देश का नाम भारत राजा भरत के नाम से पड़ा था। अंग्रेजो ने इसका नाम इंडिया रखा है। इसको हिंदुस्तान के नाम से भी जाना जाना जाता है। मेरा देश आबादी में विश्व का दूसरा सबसे बड़ा देश है। भारत की आबादी 125 करोड़ से भी अधिक है।

यहां पर हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध और अन्य सभी धर्मों के लोग रहते हैं। भारत वर्तमान समय में विश्व की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। यह एक कृषि प्रधान देश है यहां की 70% आबादी गांवों में निवास करती है।

महासागर और भारत

भारत देश तीन तरफ से महासागरों से घिरा हुआ है। पूरब में यह बंगाल की खाड़ी से घिरा हुआ है। दक्षिण में इसके हिंद महासागर स्थित है और पश्चिम में अरब सागर है।

भारत के राष्ट्रीय चिन्ह –

  • भारत का राष्ट्रीय ध्वज-तिरंगा
  • भारत का राष्ट्रीय चिन्ह् -अशोक स्तम्भ
  • भारत का राष्ट्रीय गान -जन गण मन
  • भारत का सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार -भारत रत्न
  • भारत का राष्ट्रगीत -वन्दे मातरम्
  • भारत का राष्ट्रीय पशु -बाघ
  • भारत का राष्ट्रीय फूल -कमल
  • भारत का राष्ट्रीय फल -आम

भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश

  • धर्मनिरपेक्षता शब्द का प्रयोग भारतीय संविधान के किसी भाग में नहीं किया गया था, लेकिन संविधान में कई ऐसे अनुच्छेद मौज़ूद थे जो भारत को एक धर्मनिरपेक्ष राज्य बनाते हैं।
  • मसलन संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत देश के सभी नागरिक कानून की नज़र में एक समान हैं। वहीं अनुच्छेद 15 के तहत धर्म, जाति, नस्लए लिंग और जन्म स्थल के आधार पर भेदभाव पर पाबंदी लगाई गई है।
  • अनुच्छेद 16 के तरह तक सार्वजनिक रोज़गार के क्षेत्र में सबको एक समान अवसर प्रदान करने की बात की गई है।
  • भारतीय संविधान में धर्मनिरपेक्षता शब्द की बजाय पंथनिरपेक्ष शब्द का प्रयोग 1976 में 42वें संविधान संशोधन के द्वारा संविधान की प्रस्तावना में शामिल किया गया है।
  • संविधान के अधीन भारत एक पंथनिरपेक्ष राज्य हैंए ऐसा राज्य जो सभी धर्मों के प्रति तटस्थता और निष्पक्षता का भाव रखता है।
  • संविधान में भारतीय राज्य का कोई धर्म घोषित नही किया गया है और न ही किसी खास धर्म का समर्थन किया गया है।

भारत की जलवायु और भू आकृतियां –

भारत एक विशाल देश है। यह 30 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। क्षेत्रफल के आधार पर भारत विश्व का 7 वाँ बड़ा देश है। यहां पर पहाड़, पर्वत, झरने, पठार, मैदान, नदियाँ, झीले, समुद्र तट सभी कुछ है।

सभी प्रकार की भू.आकृतियां भारत में पाई जाती हैं। भारत के उत्तरी भाग में हिमालय पर्वत स्थित है जहां पर चारों ओर पहाड़ ही पहाड़ देखने को मिलते हैं। हिमालय की सबसे ऊंची चोटी का नाम माउंट एवरेस्ट है। यह विश्व की सबसे ऊंची चोटी है इसकी ऊंचाई 8848 मीटर है।

भारत के उत्तर पूर्व में गंगा ब्रह्मपुत्र नदियां बहती हैं, जो अपने साथ विशाल मैदान बनाती हैं। भारत देश के पश्चिमी भाग में राजस्थान का विशाल रेगिस्तान है। पश्चिमी घाट और पूर्वी घाट है। भारत में चारों प्रकार की जलवायु पाई जाती हैं सर्दीए गर्मीए बरसात और बसंत ऋतु यहां पर पाई जाती है। यहाँ की जलवायु मानसूनी है।

भारत के पड़ोसी देश

पाकिस्तान, चीन, नेपाल, बर्मा, बांग्लादेश, भूटान, इंडोनेशिया, मलेशिया, श्रीलंका भारत के पड़ोसी देश हैं।

भारत के त्योहार –

भारत त्योहारों का देश हैं, जहां पूरे साल अलग अलग त्योहार बड़ी ही धूमधाम से मनाए जाते हैं। भारत में सभी धर्मों के लोग अपना त्योहार एक साथ मिल-जुलकर मनाते हैं, चाहें वह हिंदुओं की दिवाली हो, मुस्लमानों की ईद हो, सिखों की लोहड़ी हो या फिर ईसाइयों का क्रिसमस हो। भारत में सभी त्योहार खुशी और जुनून के साथ मनाए जाते हैं।

हम भारत में मनाए जाने वाले त्योहारों को तीन प्रकारों में विभाजित कर सकते हैं, जैसे राष्ट्रीय त्योहारए धार्मिक त्योहार और मौसमी त्योहार। सभी त्योहारों का अपना विशेष महत्व होता है और उन्हें मनाने का तरीका भी अलग होता है।

राष्ट्रीय त्योहारों में गणतंत्र दिवसए 15 अगस्त शिक्षक दिवसए 2 अक्टूबर गांधी जयंती आदि शामिल हैं। धार्मिक त्योहारों में होलीए दिवाली, ईद, क्रिसमस आदि शामिल हैं और मौसमी त्योहारों में मकर संक्रांति, लोहड़ी, बैसाखी, पोंगल आदि शामिल हैं।

उपसंहार –

  • आज हमारे देश की दुनिया में एक अलग और अनूठी पहचान है, जिससे आने वाले सालों में यह दुनिया का सबसे बड़ा बाजार होगा, इसलिए सभी विकसित देश आज हमारे देश में व्यापार करना चाहते हैं, यह हमारे लिए बहुत खुशी की बात है वह देश जो देश कई वर्षों तक गुलाम रहा वो अग्रणी देशों की सूची में आता है |
  • मुझे गर्व है कि मैं ऐसे देश में पैदा हुआ जहां पर मुझे अच्छी शिक्षा, अच्छा वातावरण और अच्छी संस्कृति मिली है साथी ही हमारे देश की रक्षा करने के लिए दुनिया की तीसरी सबसे शक्तिशाली सेना है जो की हमारे देश सुरक्षा प्रदान करती है,
  • बस अब मैं सभी से यह निवेदन करना चाहूंगा कि हमें विरासत में इतना अच्छा देश प्रकृति, धरोहर और संस्कृति मिली है, हमें इसे सहेज कर आगे बढ़ाना है, क्योंकि भारत देश ही हमारी पहचान है और इसकी प्रकृति, धरोहर और संस्कृति इस में चार चांद लगाती है |
  • आज हमारे देश का प्रत्येक देशवासी गर्व से कहता है कि मैं भारत का वासी हूं और मेरा देश सभी देशों से महान है |

Mera Desh Essay In Hindi (Mera Bharat Mahan Essay In Hindi)

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Mera Bharat Mahan Essay In Hindi

भूमिका –

विश्व भर में मेरा देश भारत महानता की उपाधि हासिल किए हुए हैं। चारों दिशाओं में हर प्रकार से भारत का नाम रोशन है। भारत में बने पर्यटक स्थल और ऐतिहासिक दुर्गा भारत की एक अलग पहचान बनाते हैं।

मेरा देश इतिहास की वजह से बहुत ज्यादा लोकप्रिय है। इतिहास के समय भारतीय परंपरा विश्व भर में विख्यात थी। आज भी भारत का नाम विश्व के बेहतरीन देशों में लिया जाता है। मेरा भारत जहां ऊंचा खड़ा हिमालय आसमान को छूता है।

तो दूसरी तरफ विचरण तले गंगा यमुना जैसी नदियां बह रही है। मेरे देश की यह भूमि मेरे लिए पुण्य भूमि, स्वर्ण भूमि, जन्म भूमि, मातृभूमि, कर्मभूमि है। और आज मेरे देश के बारे में बताते हुए मुझे गर्व महसूस हो रहा है।

विश्व भर में विख्यात मेरा देश दुनिया का चमकता हुआ सूरज है। मेरा देश अपनी संस्कृति और सभ्यता के दम पर विश्व भर में लोकप्रिय हुआ है। मेरे देश को पुराने समय में सोने की चिड़िया कहा जाता था।

भारत सबसे प्राचीन सभ्यताओं वाला देश है और इन्हीं प्राचीन सभ्यताओं के कारण भारत सोने की चिड़िया कहलाता था। साथ ही विश्व भर में लोकप्रिय देश था।

हमारा भारत इतना पवित्र और गरिमामय है कि भगवान भी यहाँ पर जन्म लेने के लिए लालायित रहते हैं।

देश का नामकरण –

भारत एक ऐसा देश है जिसके कई नाम हैं, क्योंकि भारत को अलग-अलग समय के दौरान अलग.अलग नाम दिए गए हैं, हालांकि भारत में आधिकारिक तौर पर सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले तीन नाम भारतए इंडिया और हिंदुस्तान हैं। इसके अलावा भी भारत को अलग.अलग नामों से जाना जाता है जिनमें से हम आपको सात प्रमुख नामों की सूची उपलब्ध करा रहे हैं जो इस प्रकार हैं

  • भारत
  • इंडिया
  • हिंदुस्तान
  • आर्यावर्त
  • जंबूद्वीप

पहले इसे सोने की चिड़िया भी कहा जाता था। मेरा भारत सब देशों में शिरोमणि है। हमारा भारत उत्तर में कश्मीर से लेकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक और पश्चिम में गुजरात से लेकर पूर्व में असम तक भारत फैला हुआ है। ये सब भारत को प्रभावशाली बनाते हैं। भारत की देह को प्रकृति ने एक दैवी का नाम दिया है। हिमाच्छादित हिमालय हमारे भारत के सिर पर ताज के समान है।

दक्षिण दिशा में इसके कदम हैं जिन्हें हिन्द महासागर हमेशा धोता रहता है। इसकी बाहें दूर.दूर तक फैली हुई हैं। भारत वह देश है जहाँ पर सिंधु घाटी की नगरीय सभ्यता का विकास हुआ था। भारत वह भूमि है जहाँ पर हिंदू संस्कृति फली-फूली और वेदों की रचनाएँ की गयीं हैं। इसी भूमि पर धर्म ने अपनी उंचाईयों को छुआ था।

देश का प्राचीन इतिहास-

हमारा भारत बहुत प्राचीन देश है। हमारे भारत का इतिहास स्वर्णिम रहा है। ऐसा भी एक समय था जब इसे सोने की चिड़िया के नाम से जाना जाता था। भारत देश धन और सौंदर्य से वषिभुत हुआ करता था। भारत ने ही ज्ञान की किरण पूरे संसार में फैलाई थी। ज्ञान के क्षेत्र में पूरा विश्व भारत का ऋणी है। इसी पर तो विज्ञान का ढांचा टिका हुआ है।

भारत पर मुगलों और अंग्रेजों ने अपना राज्य स्थापित किया था और इसे लूटा था। हमारे देश ने हजारों वर्षों तक गुलामी की थी। भारत में कई महापुरुषों का जन्म हुआ जिन्होंने देश को सत्य और अहिंसा से परिचित कराया। लेकिन हमारे वीर योद्धाओं और क्रांतिकारियों ने मिलकर 15 अगस्त 1947 को भारत को आजाद कराया, जिससे हमारा देश आज के समय में उन्नत और शक्तिशाली होता जा रहा है

भारत ने कई आक्रमणों को झेला लेकिन भारत रहा है और आगे भी रहेगा। भारत की कहानी भावनाओं से ओत.प्रोत है। इस भारत ने केवल कृष्ण को ही जन्म नहीं दिया था बल्कि इसने ऐसे अनेक महापुरुषों को जन्म दिया था जो हमेशा के लिए अमर हो गये हैं। दक्षिण भारत का एक भाग पठारी है। संकीर्ण जातिगत भावनाएँ मिटा दी गई और जनता का शासन शुरू हो गया। लोकतंत्र से भारत को बहुत लाभ हुआ था।

भारत विविधताओं का देश –

हमारा भारत विविधताओं का देश है। भारत में विभिन्नता में एकता दिखाई देती है। भारत में अनेक राज्य हैं और हर राज्यों से अलग.अलग संस्कृतियाँ जुडी हुई हैं। हमारे देश में पहाड़ियाँ हैं तो समुद्र भी हैंए हरियाली है तो रेगिस्तान भी हैं। हमारे भारत में गर्मी, सर्दी, बसंत, पतझड़ सभी ऋतुएं आती हैं।

यहाँ पर हर धर्म के लोग मिलजुलकर रहते हैं। हमारे भारत में मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और गिरजाघर भी बने हुए हैं। हमारे भारत में अनेक भाषाएँ बोलने वाले लोग रहते हैं। यहाँ पर खान-पान, रहन-सहन, वेश-भूषा, धर्म और विचारों में विविधता है। हमारे भारत के लोग एक परिवार की तरह रहते हैं, और वसुधैव कुटुंबकम की भावना में विश्वास रखते हैं।

भारत की यह विविधता ही हमारे देश की शान और उन्नति का कारण है। भारत में तरह.तरह के त्यौहार मनाये जाते हैं। यहं पर सभी धर्मों के लोगों को समान अधिकार प्राप्त हैं। सभी धर्मों को समान नजरों से देखा जाता है। यहाँ पर धर्मों के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाता है। हमारा भारत अन्न, फल, सब्जी, दालों से किसान ही देश के वासियों को पालता है।

इसे देश के किसानों की पूजा कर्म होता है। रत्न और हीरों की खाने, कोयले के भंडार, लोहा और युरेनियम धातुओं की गुफा हमारे भारत की मिटटी के नीचे छिपी हुई हैं। हमारे भारत देश से ही बहुत से देश कपड़ाए कल-पुर्जों का निर्यात करते हैं। हमारा भारत एशिया महाद्वीप में तीन ओर से पानी से घिरा हुआ है। भारत विश्व की बहुत बड़ी आर्थिक शक्ति बन गई है।

आज भारत की विकास दर तेजी से बढ़ रही है। हमारे देश की सेनाएँ देश की रक्षा करने में संगलन है। स्वतंत्रता मिलने के बाद हिंदी को देश की राष्ट्र भाषा बनाया गया है। आजादी मिलने के बाद 26 जनवरीए 1950 को भारतीय संविधान लागू किया गया था और हमारा देश गणतंत्र हुआ था।

प्राकृतिक सौंदर्य –

भारत का सौंदर्य ऐसा है जो सबको अपनी ओर आकर्षित करता है। यहाँ पर कश्मीर का नजारा स्वर्ग की तरह का होता है और केरल की हरियाली मन को आनंद देती है और मन मोह लेती है। यहाँ पर सही ऋतुएँ समय पर आती हैं और धरती को अपनी अनूठी छटाओं से सजाती हैं।

भारत का स्वरूप जितना विशाल और भव्य है उसका मन उतना ही उन्नत और उदार है। भारत में कश्मीर स्वर्ग की तरह सुंदर लगता है। भारत में ऐसे दृश्यनीय स्थल हैं जिससे प्रकृति की सुंदरता में चार चाँद लग जाते हैं। उनकी सुंदरता से प्रकृति बहुत ही सुंदर लगती है। भारत के राष्ट्रीय पक्षी और पशु भारत को बहुत ही सुंदर बनाते हैं। जब पक्षियों की आवाजें सुबह-सुबह सुनाई देती हैं तो ऐसा लगता है जैसे प्रकृति गा रही हो।

मिट्टी से बहुत ही अच्छी सुगंध आती है जो मन को मोह लेती है। हमारे देश की जन और देश की संस्कृति बहुत ही अनोखी है। भारत के अनेक प्रकार के फूलों से प्रकृति सुगंधित हो उठती है। भारत की जलवायु उष्ण है, इसी वजह से प्रकृति में नमी छाई रहती है। प्राचीन समय में सब कुछ संतुलित था और लोग खुश थे। कृषि के क्षेत्र में प्रगति हो रही है।

उपसंहार-

आज के समय में भारत हर क्षेत्र में आत्म-निर्भर हो गया है। देश के उद्योग धंधों में जाल सा बिछा हुआ है और भारत को विश्व में विकासशील देश में अग्रणी स्थान प्राप्त हैं। लेकिन दुर्भाग्य से हर क्षेत्र में संपन्नता होने के बाद भी भारत का वर्तमान बहुत निराशा से भरा हुआ है। आज के समय में भारत में धर्मए जाति के नाम पर झगड़े होते रहते हैं।

भ्रष्टाचार ने अपने चारों तरफ पाँव फैला लिए हैं। आज महंगाई आसमान को छू रही है। इस तरह मेरा भारत अनेक तरह की परेशानियों से घिरा हुआ है। भारत के प्रति हमारा कर्तव्य है कि इन परेशानियों को दूर करने में अपना योगदान दें। इससे देश अपना गौरव फिर से प्राप्त कर सकेगा।

भारत में जनसंख्या की समस्या बढती ही जा रही है इसमें मनुष्य को भारत को अपना योगदान देना चाहिए। कुछ लोग भारत के संविधान का गलत फायदा उठा रहे हैं। वे लोग भारत की पुरानी मान्यताओं और संस्कृति पर वार करते जा रहे हैं। लोगों को इन समस्याओं को समझाना होगा। लोगों को देश की सुरक्षा के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।


Final Words On Mera Bharat Mahan Essay In Hindi


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