29+ Ajwain benefits in hindi | अजवाइन के फायदे और नुकसान (2022)

Ajwain benefits in hindi : हम आज की इस पोस्ट में लेकर आये हैंहम अपने दैनिक जीवन में स्वाद के लिए भोजन में मसालों का उपयोग करते हैं जिनमें भोजन के स्वाद को बढ़ाने के साथ-साथ औषधीय क्षमता भी होती है। इन्हीं मसालों में से एक है अजवायन। अजवाइन न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि शरीर से कई छोटी-बड़ी बीमारियों को दूर करने का काम करती है, इसलिए इस पोस्ट में हम आपको अजवायन खाने के फायदे, Ajwain ke fayde in hindi, Ajwain ka pani peene ke fayde, अजवायन के फायदे, ajwain water benefits.

अजवाइन में बहुत तेज सुगंध होती है, जो खाने को बहुत अच्छा स्वाद देती है। इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं, इसे घर पर रोजाना की दवा भी माना जाता है। पेट दर्द से तुरंत राहत पाने के लिए अजवाइन सबसे अच्छा है। अजवायन के फूल, बीज, इसका तेल सब अंग्रेजी औषधि के काम आता है। अजवायन के फूल में इतनी तेज सुगंध होती है कि इसे सूंघने मात्र से ही सिरदर्द ठीक हो जाता है।

ajwain benefits

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अजवायन क्या है What is carom seeds ?

अजवायन एक झाड़ी जैसा पौधा है। जिसका उपयोग मसाले और औषधि के रूप में किया जाता है। इसकी खेती छोटे पैमाने पर की जाती है। यह एक बीज है, जिसका उपयोग मसाले और औषधि के रूप में किया जाता है। कई बीमारियों को दूर करने में अजवाइन काफी फायदेमंद साबित होती है। अजवाइन का इस्तेमाल हमारे देश में हजारों सालों से मसाले के साथ-साथ औषधि के रूप में भी किया जा रहा है। अजवाइन खाने के फायदे मसाले, पाउडर, काढ़े और जूस के रूप में भी मिलते हैं।

मसाले का नामइंग्लिश नामसाइंटिफिक नाम
अजवाइन Thyme (थईम)Trachyspermum ammi(ट्रेकिस्पर्मम अम्मी)

अजवाइन में पाए जाने वाले पौष्टिक तत्व –

ऊर्जा238 kcal
कार्बोहाइड्रेट48.6 ग्राम
कैल्सियम667 एमजी
प्रोटीन23.8 ग्राम
फाइबर47.6 ग्राम
पोटेशियम1333 एमजी
फैटी एसिड0.62 ग्राम
आइरन16.19 एमजी

अजवाइन के प्रकार Types of ajwain –

अजवाइन मुख्यता तीन प्रकार की होती है –
1- अजवाइन।
2- खुरासानी अजवाइन।
3- जंगली अजवाइन।

अजवाईन मूल रूप से मिस्र देश का एक मसाला है। अजवायन का पौधा पूरे भारत में पाया जाता है, इसके अलावा यह अफगानिस्तान, इराक, ईरान और पाकिस्तान में पाया जाता है। भारत में अजवाइन की खेती मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में की जाती है। पौधा एक से तीन फीट ऊंचा, हरे रंग का होता है। पत्तियां पिननेट होती हैं और बीज छोटे अंडाकार होते हैं।

फलों में सुगंधित गंध वाला एक तैलीय पदार्थ होता है। फूल और फल फरवरी से अप्रैल के मध्य में पकते हैं। अजवायन के बीज स्वाद में कड़वे और तीखे होते हैं। अजवायन के बीज कफ, शामक और पित्त बढ़ाने वाले होते हैं। अजवायन एक बीज है, जिसका उपयोग मसाले और औषधि के रूप में किया जाता है।

अजवायन खाने के फायदे Ajwain benefits –

अजवाइन के इस्तेमाल के बारे में तो आप जानते ही होंगे, क्योंकि अजवाइन का इस्तेमाल रोजाना हर घर में किया जाता है। आमतौर पर लोग अजवायन को मसाले के तौर पर ही पकाते समय इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि लोग नहीं जानते कि अजवायन भी बहुत उपयोगी औषधि है। अजवाइन के फायदों के बारे में ज्यादातर लोग नहीं जानते हैं। इसलिए वे अजवाइन का पूरा फायदा नहीं उठा पा रहे हैं। आइए आपको बताते हैं कि अजवायन कितना फायदेमंद होता है।

गैस कब्ज और पेट दर्द में आराम –

अजवाइन में एंटीस्पास्मोडिक और कार्मिनेटिव गुण होते हैं, जो गैस के प्रभाव को कम करने के लिए दवा के रूप में काम कर सकते हैं। इसके अलावा, यह थाइमोल नामक यौगिक से भी भरपूर होता है, जिसका उपयोग गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रोगों को दूर करने के लिए किया जाता है।

इसके अलावा, अजवाइन भोजन के पाचन में भी मदद कर सकती है, जिससे कब्ज की समस्या को दूर रखा जा सकता है और मल त्याग को आसान बनाया जा सकता है। ऐसे में कहा जा सकता है कि अजवाइन के फायदे गैस और कब्ज से राहत दिला सकते हैं।

अजवाइन में अल्कोहल की मात्रा बहुत कम होती है, इसलिए यह पेट दर्द में तुरंत राहत देता है। अजवाइन में काला नमक मिलाकर गुनगुने पानी के साथ खाएं। इससे पाचन तंत्र भी सही रहेगा और पेट दर्द भी ठीक हो जाएगा। अजवायन अपच, गैस और पेट से संबंधित सभी समस्याओं के लिए बहुत ही कुशल है, रोजाना 1 चम्मच अजवायन खाने के बाद सेवन करने से ये सभी समस्याएं नहीं होती हैं।

सर्दी, जुखाम और वायरल संक्रमण से बचाए –

अजवायन के बीजों में लगभग 50% थाइमोल होता है, जिसे मुख्य रूप से एक जीवाणुरोधी के रूप में जाना जाता है। इसके अलावा थाइम शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का भी काम कर सकता है, जिससे सर्दी, फ्लू और दूसरे वायरल इंफेक्शन को दूर रखा जा सकता है।

15-20 दिनों तक रोजाना 2 ग्राम अजवायन खाएं। कफ, सिर दर्द, माइग्रेन होने पर अजवायन डालकर पानी के साथ भाप लें। इसके अलावा कुछ दिनों तक पानी के साथ ऐसे ही चबाने से भी फायदा होगा।

अस्थमा में आरामदायक –

अजवायन के फायदे अस्थमा जैसे श्वसन तंत्र की समस्याओं से राहत दिलाने में भी दिखाई दे सकते हैं। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक अजवाइन में दमा-रोधी प्रभाव होता है, जिसका श्वसन तंत्र पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

इससे अस्थमा की समस्या से कुछ राहत मिल सकती है। अस्थमा के कारण सांस लेने में दिक्कत होती है। इसके लिए अजवायन का धुंआ सांस लेने से सांस खुलती है। अस्थमा के रोगी को दिन में दो बार अजवाइन और 1 चम्मच गुड़ मिलाकर खाना चाहिए। ऐसा करने से अस्थमा की समस्या दूर हो जाएगी।

गठिया, जोड़ों के दर्द में राहत –

अजवायन गठिया और जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने में फायदेमंद हो सकता है। वहीं, एक अन्य शोध में बताया गया है कि अजवाइन में पाया जाने वाला एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव गठिया से जुड़ी समस्या को दूर करने में मदद कर सकता है।

घुटने और किसी जोड़ में दर्द होने पर अजवाइन के फूल को गर्म करके उसकी पोटली बना लें और इसी जोड़ों की सिकाई करें।

डायरिया में आराम –

दस्त से राहत दिलाने के लिए अजवाइन खाने के फायदे भी देखे जा सकते हैं। जर्नल ऑफ एप्लाइड फार्मेसी द्वारा प्रकाशित एक मेडिकल रिसर्च में बताया गया है कि अजवाइन में डायरिया रोधी प्रभाव होता है,

जो इस समस्या से निजात दिलाने में मददगार साबित हो सकता है। जी मिचलाना हो तो अजवाइन चबाएं अगर उल्टी का मन हो तो उल्टी नहीं होगी। शराब पीने के बाद होने वाली उल्टी को भी इससे रोका जा सकता है।

कोलेस्ट्रॉल कम करता है –

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की समस्या को कम करने के लिए अजवाइन का इस्तेमाल किया जा सकता है। दरअसल, अजवाइन के बीज में एंटीहाइपरलिपिडेमिक प्रभाव पाया गया है, जो शरीर के कोलेस्ट्रॉल, एलडीएल-कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स और टोटल लिपिड को कम करने में मदद कर सकता है।

पाचन क्रिया में मदद करे –

यह पेट से जुड़ी कई समस्याओं को दूर कर सकता है, जिनमें से एक है पाचन क्रिया। कई बार खाना ठीक से पच नहीं पाता है, जिससे पेट में समस्या हो सकती है। ऐसे में अजवाइन का सेवन पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। अजवाइन गैस्ट्रिक एसिड और पाचन एंजाइमों की गतिविधि को बढ़ावा देने का काम भी कर सकती है। यह आहार को पचाने में मदद कर सकता है।

बालों के लिए लाभदायक –

बालों को पर्याप्त पोषण नहीं मिलने पर बालों की समस्या होने लगती है। ऐसे में अजवायन से बने तेल का इस्तेमाल बालों को पर्याप्त पोषण देने के लिए किया जा सकता है। यह तेल पर्याप्त पोषण देकर बालों को झड़ने और टूटने की समस्या से बचा सकता है।

वजन कम करने में –

अजवाइन खाने से वजन भी कम होता है, यह शरीर में मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है। और पाचन तंत्र को चुस्त रखता है।

दांत दर्द में सहायक –

दांत दर्द होने पर अजवायन को पानी में उबालकर उससे गरारे करने से दांत का दर्द बहुत जल्दी ठीक हो जाता है। इसके अलावा अजवाइन को पीसकर मसूड़ों पर लगाने से दर्द कम होता है।

गर्भवती महिला के लिए फायदेमंद –

गर्भावस्था के दौरान और बाद में महिला के शरीर के अंदर कई तरह के बदलाव होते हैं, इसका पाचन तंत्र पर काफी प्रभाव पड़ता है। अजवाइन कब्ज से जुड़ी सभी पाचन समस्याओं को दूर करती है। अजवाइन कोशिकाओं को भी मजबूत करती है, और गर्भाशय को स्वस्थ रखने में मदद करती है। इससे शरीर में रक्त की वृद्धि होती है और पूरे शरीर में रक्त का संचार भी अच्छे से होता है।

बच्चा होने के बाद महिलाओं को गुड़ के साथ अजवाइन खाना चाहिए, इससे शरीर में दूध भी बढ़ता है। लेकिन पहली गर्भावस्था के दौरान इसका ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह गर्म प्रभाव वाली होती है, जिससे शरीर में गर्मी बढ़ जाती है।

किडनी स्टोन में आराम –

अजवाइन खाने के फायदे किडनी स्टोन से राहत पाने के लिए भी हो सकते हैं। एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार, अजवाइन में मूत्रवर्धक गुण होता है, जिसका उपयोग गुर्दे की पथरी के लिए किया जा सकता है।

मूत्रवर्धक गुण मूत्र में कैल्शियम की मात्रा को कम कर सकते हैं। यह गुर्दे की पथरी के गठन को रोक सकता है। फिलहाल इस संबंध में और शोध की जरूरत है।

रक्तचाप का संतुलन बनाए –

ब्लड प्रेशर बढ़ने से कई घातक समस्याओं का खतरा रहता है। ऐसे में ब्लड प्रेशर को संतुलित रखना जरूरी है, जिसके लिए अजवाइन का सेवन एक अच्छा उपाय साबित हो सकता है। यह थाइमोल से भरपूर होता है, जो रक्तचाप को कम करने में मदद कर सकता है। वहीं, अजवाइन का कैल्शियम चैनल ब्लॉकिंग प्रभाव हृदय गति और रक्तचाप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

खांसी में आराम दे –

अजवाइन को पीसकर उसमें अदरक का रस मिला लें, अब इसे दिन में दो बार खाने से खांसी में तुरंत आराम मिलेगा।

अजवाइन के अन्य उपयोग Other uses of ajwain –

1-ज्यादा मसालेदार खाना खाने से सीने में जलन होती है। ऐसे में 1 ग्राम अजवाइन और बादाम की 1 गुठली को चबाकर या पीसकर खाएं।

2-डेढ़ लीटर पानी आग पर रखें। जब पानी पूरी तरह उबल जाए और 1.25 लीटर रह जाए तो इसे नीचे उतार लें। इसमें आधा किलो पिसी हुई अजवाइन डालकर ढक्कन बंद कर दें. जब यह ठंडा हो जाए तो इसे छानकर किसी बोतल में रख लें। इसे 50-50 मिली दिन में 3 बार लें। इसके सेवन से पेट के पाचन तंत्र के विकार ठीक हो जाते हैं।

3-जो भी व्यक्ति दूध को ठीक से नहीं पचा पाता उसे दूध पीने के बाद थोड़ी सी अजवाइन खानी चाहिए।

4-उल्टा कुछ खाने के बाद खट्टी डकारें आना और पेट में गड़गड़ाहट जैसी समस्या होने लगती है। इसके लिए 250 ग्राम अजवायन को 1 लीटर गोमूत्र में भिगोकर रख दें। इसे 7 दिनों तक छाया में सुखाएं। इसका सेवन 1-2 ग्राम की मात्रा में करें। यह जलोदर, खट्टी डकारें, पेट दर्द, पेट में गड़गड़ाहट आदि रोगों में लाभकारी है।

5-पेट में ऐंठन या दर्द होने पर बतासे में दिव्याधार की 3-4 बूंदे देने से तुरंत लाभ मिलता है।

अजवाइन की खेती के लिए आवश्यक वातावरण –

इसकी खेती के लिए ठंडी और शुष्क जलवायु सबसे अच्छी मानी जाती है। अत्यधिक सर्दी इसकी फसल को नुकसान पहुंचा सकती है। पाला इसकी फसल के लिए हानिकारक है। फूल आने के बाद बहुत अधिक सर्दी इसके लिए हानिकारक होती है। यही कारण है कि शुष्क मौसम इसकी फसल के लिए आदर्श होता है। साथ ही इसे पकाने के लिए अधिक तापमान की भी आवश्यकता होती है।

अजवाइन के नुकसान Side effects of carrom seeds –

1- गर्भावस्था के दौरान अजवाइन के सेवन से बचना चाहिए। अगर आप इसका सेवन दवा के रूप में करना चाहते हैं तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही इसका सेवन करें।

2- अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है तो अजवायन या इसके पत्तों का पेस्ट शहद या किसी ठंडे पदार्थ के साथ मिलाकर त्वचा पर लगाएं।

3- डॉक्टर के निर्देशानुसार ही अजवाइन का सेवन करें, नहीं तो ज्यादा मात्रा में सेवन करने से कब्ज या एसिड रिफ्लक्स हो सकता है।

4- यानि डॉक्टर के निर्देशानुसार अगर आप अजवाइन का सेवन नहीं करते हैं, तो अजवाइन के नुकसान से सेहत को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

5-आंतरिक रक्तस्राव या अल्सरेटिव कोलाइटिस हो तो अजवाइन का सेवन न करें।

6-यदि पुरुष बांझपन की समस्या है तो अजवाइन के सेवन से बचना चाहिए

7-अजवायन के गर्म प्रभाव के कारण गर्भावस्था के दौरान इसके सेवन से बचना चाहिए।

8- अगर आप अजवाइन को एक निश्चित मात्रा से ज्यादा लेते हैं तो उल्टी, जी मिचलाना और सिर दर्द की समस्या भी हो सकती है। जिन लोगों को अजवाइन से एलर्जी है उन्हें सर्दी, दाने या पित्त हो सकता है। इसलिए अजवाइन का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर कर लें।

निष्कर्ष Conclusion

दोस्तों! हमारे इस लेख ajwain benefits में हमने अजवाइन के बारे में बताया है आशा है। आप हमारी इस पोस्ट को पढ़कर अजवाइन के बारे में जान ही गये होंगे की यह कितना फायदेमंद है। यह न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने का काम करता है, बल्कि कई छोटी-बड़ी बीमारियों को दूर रखने का भी काम कर सकता है।

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