दि‍वाली पर कविता | Poem on Diwali in Hindi (2022)

poem on diwali

Poem on diwali in hindi : दोस्तो आज हम आपके लिए में लाए हैं दिवाली पर कविताएं, जिन्हे आप सोशल मीडिया पर शेयर कर सकते है। दोस्तों दिवाली हिंदुओं का प्रमुख त्यौहार है यह प्रकाश का त्योहार है ऐसी मान्यता है कि इस दिन प्रभु श्री राम 14 वर्ष के वनवास के पश्चात अयोध्या वापस लौटे थे। और उन्हीं के स्वागतोत्सव में इस दिन अयोध्या वासियों द्वारा घी के दीपक जलाये गये थे।

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Poem on diwali in hindi आयी है दीवाली देखो

आयी है दीवाली देखो,
आयी है दिवाली।

ले के जीवन में खुशहाली,
आयी है दिवाली।

घर-आँगन में है रौनक,
और चारों ओर रंगोली से सजावट।

दियो से सज गयी है चौखटे,
रंगीन हो गयी हैं झालरों से दीवारें।

मन में हर्ष और उल्लास फैलाने,
आयी है दिवाली।

ख़ुशियों ने दी है आहटें,
रौशनी से रौशन है सब।

चारों ओर फैली है जगमगाहट
पटाखों की गूँज से।

आसमाँ भी हो गया है रौशन
आयी है दिवाली देखो,
आयी है दिवाली।

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funny poem on diwali in hindi

Diwali poem in hindi दीपों का त्योहार दिवाली आयी है

दीपों का त्योहार दिवाली आयी है,
खुशियों का संसार दिवाली आई है,

घर आंगन सब नया सा लगता है,
नया नया परिधान सभी को फबता है,

नए नए उपहार दिवाली लायी है,
खुशियों का संसार दिवाली लायी है।

diwali poem

Diwali kavita in hindi आई दिवाली आई दिवाली

आई दिवाली आई दिवाली,
खुशियों को संग लाई दिवाली,

बच्चे आए बड़े भी आए,
सबने सुंदर दीप जलाए,

दीपों से जगमगा संसार,
एक-दूजे से बढ़ता प्यार।

diwali kavita in hindi

Diwali par kavita फिर खुशियों के दीप जलाओ

फिर खुशियों के दीप जलाओ,
यह प्रकाश का अभिनंदन है,

अंधकार को दूर भगाओ,
पहले स्नेह लुटाओ सब पर,
फिर खुशियों के दीप जलाओ।

diwali par kavita

Poem on diwali in hindi mein आओ मिलकर दीप जलाएं

आओ मिलकर दीप जलाएं
अँधेरा धरा से दूर भगाएं
रह न जाय अँधेरा कहीं घर का कोई सूना कोना
सदा ऐसा कोई दीप जलाते रहना
हर घर आँगन में रंगोली सजाएं
आओ मिलकर दीप जलाएं।

हर दिन जीते अपनों के लिए
कभी दूसरों के लिए भी जी कर देखें
हर दिन अपने लिए रोशनी तलाशें
एक दिन दीप सा रोशन होकर देखें
दीप सा हरदम उजियारा फैलाएं
आओ मिलकर दीप जलाएं।

भेदभाव, ऊँच, नीच की दीवार ढहाकर
आपस में सब मिलजुल पग बढायें,
पर सेवा का संकल्प लेकर मन में
जहाँ से नफरत की दीवार ढहायें,
सर्वहित संकल्प का थाल सजाएँ
आओ मिलकर दीप जलाएं
अँधेरा धरा से दूर भगाएं

short poem on diwali

A poem on diwali in hindi दिवाली त्योहार दीप का

दिवाली त्योहार दीप का,
मिलकर दीप जलाएंगे,

सजा रंगोली से आंगन को,
सबका मन हर्षाएंगे,

बम-पटाखे भी फोड़ेंगे,
खूब मिठाई खाएंगे,

दिवाली त्यौहार मिलन का,
घर-घर मिलने जाएंगे।

diwali poem for kids

Poem on diwali in hindi by harivansh rai bachchan

बरस रही है मां लक्ष्मी की कृपा,
हो रही है सुख और समृद्धि की वर्षा

मिट जाएगा हर कोने का अंधियारा,
जब दीपो से जगमग होगा जग सारा।

भगवान श्री राम अयोध्या पधार रहे है,
फूलों की वर्षा हो रही है।

सब जन हर्षा रहे है,
हो गया है सब दुखों का नाश।

सब लोग मंगल गान गा रहे है,
फूल, पत्ती, पेड़-पौधे, फसलें लहरा रहे है।

सब लोगों के मुख पर मुस्कान है,
यही तो दीपावली त्योहार की पहचान है !!

diwali par kavita in hindi

Diwali par kavita in hindi दीप जलाओ दीप जलाओ

दीप जलाओ दीप जलाओ
आज दिवाली रे

खुशी-खुशी सब हँसते आओ
आज दिवाली रे।

मैं तो लूँगा खील-खिलौने
तुम भी लेना भाई

नाचो गाओ खुशी मनाओ
आज दिवाली आई।

आज पटाखे खूब चलाओ
आज दिवाली रे

दीप जलाओ दीप जलाओ
आज दिवाली रे।

नए-नए मैं कपड़े पहनूँ
खाऊँ खूब मिठाई

हाथ जोड़कर पूजा कर लूँ
आज दिवाली आई।

happy diwali poem

Diwali poem in hindi for kids आज दिन दिवाली का आया

आज दिन दिवाली का आया
लेकर खुशियों की टोकरी,
महालक्ष्मी सब के घर पधार रही है।

आज दिन दिवाली का आया
आज की काली रात भी हैरान है,
दीपों की रोशनी से पूरा संसार रोशन है।

आज दिन दिवाली का आया
रिद्धि सिद्धि को भी संग में लाया,
भर गया है घर खुशियों से सबका।

आज दिन दिवाली का आया
संग में खुशियों का मेला लेकर आया,
पटाखों की गूंज से पूरा आसमान गूंज उठा।

आज दिन दिवाली का आया
मिठाइयों की मिठास रिश्तो में घुल रही है,
सभी के गिले-शिकवे आज दूर हो रहे है।

आज दिन दिवाली का आया
हो रहे है सब भाव विभोर,
आज दिन खुशियों का आया।

आज दिन दिवाली का आया
दीपों की सुनहरी कतार सजेगी,
आज सभी के घर दीपावली मनेगी।

diwali ki kavita

Happy diwali poem दीपों का त्योहार दीवाली

दीपों का त्योहार दीवाली
खुशियों का त्योहार दीवाली।

वनवास पूरा कर आये श्रीराम
अयोध्या के मन भाये श्रीराम।

घर-घर सजे , सजे हैं आँगन
जलते पटाखे, फ़ुलझड़ियाँ बम।

लक्ष्मी गणेश का पूजन करें लोग
लड्डुओं का लगता है भोग।

पहनें नये कपड़े, खिलाते है मिठाई
देखो देखो दीपावली आई।

Short poem on diwali in hindi ये प्रकाश का अभिनन्दन है

ये प्रकाश का अभिनन्दन है
अंधकार को दूर भगाओ
पहले स्नेह लुटाओ सब पर
फिर खुशियों के दीप जलाओ

शुद्ध करो निज मन मंदिर को
क्रोध-अनल लालच-विष छोडो
परहित पर हो अर्पित जीवन
स्वार्थ मोह बंधन सब तोड़ो

जो आँखों पर पड़ा हुआ है
पहले वो अज्ञान उठाओ
पहले स्नेह लुटाओ सब पर
फिर खुशिओं के दीप जलाओ

जहाँ रौशनी दे न दिखाई
उस पर भी सोचो पल दो पल
वहाँ किसी की आँखों में भी
है आशा ओं का शीतल जल

जो जीवन पथ में भटके हैं
उनकी नई राह दिखलाओ
पहले स्नेह लुटाओ सब पर
फिर खुशियों के दीप जलाओ

नवल ज्योति से नव प्रकाश हो
नई सोच हो नई कल्पना
चहुँ दिशी यश, वैभव, सुख बरसे
पूरा हो जाए हर सपना

जिसमे सभी संग दीखते हों
कुछ ऐसे तस्वीर बनाओ
पहले स्नेह लुटाओ सब पर
फिर खुशियों के दीप जलाओ।

Deepavali poem ना फुलजड़ी फटाके बुलाते मुझे

ना फुलजड़ी फटाके बुलाते मुझे
और ना गुलाब जामुन की खुशबू ललचाती मुझे

ना फुलजड़ी फटाके बुलाते मुझे
और ना गुलाब जामुन की खुशबू ललचाती मुझे

ना नए कपड़ों की चाहत खीचें मुझे
ना गहनों चमक लुभाए आये मुझे

मुझे तो चाहिए कुछ अनमोल घड़ी
जब फिर से जुड़ती अपनों से कड़ी

दिवाली की रंगत ना भाती मुझे
बस माँ की गोद ही याद आती मुझे

नहीं वो बचपन की दिवाली सजे
बस मुझे मेरे अपनों का साथ मिले
बस साथ मिले।

Diwali ki kavita हर घर में हो उजाला

हर घर में हो उजाला, आये ना रात काली,
हर घर में मने खुशिया, हर घर में हो दिवाली

हर घर में हो सदा ही, माँ लक्ष्मी का डेरा,
हर शाम हो सुनहरी, और महके हर सवेरा

दिल हो सभी के निर्मल, ना ही द्वेष भाव आये,
मन में रहे ना शंका, सुरो में मिठास लाये

हर घर में हो उजाला, आये ना रात काली,
हर घर में मने खुशिया, हर घर में हो दिवाली।

Diwali ki poem दिवाली के दीपक जगमगाए

दिवाली के दीपक जगमगाए आपके आंगन में,
सात रंग सजे इस साल आपके आंगन में,

आया है यह त्यौहार खुशियां लेके,
हर खुशी सजे इस साल आपके आंगन में,

रोशनी से हो रोशन हर लम्हा आपका,
हर रोशनी सजे इस साल आपके आंगन में।

Poem for diwali in hindi घर-घर आज दिवाली

साथी, घर-घर आज दिवाली !
फैल गयी दीपों की माला !!

मंदिर-मंदिर में उजियाला,
किंतु हमारे घर का, देखो, दर काला, दीवारें काली!

साथी, घर-घर आज दिवाली!
हास उमंग हृदय में भर-भर

घूम रहा गृह-गृह पथ-पथ पर,
किंतु हमारे घर के अंदर डरा हुआ सूनापन खाली!

साथी, घर-घर आज दिवाली!
आँख हमारी नभ-मंडल पर,

वही हमारा नीलम का घर,
दीप मालिका मना रही है रात हमारी तारोंवाली!

साथी, घर-घर आज दिवाली !
फैल गयी दीपों की माला !!

(Source : Infobells – Hindi)

निष्कर्ष Conclusion-

दोस्तों इस पोस्ट में हमने poem on diwali in hindi शेयर की है, जिसे आप दिवाली के दिन अपने दोस्तों को भेजकर विश कर सकते हैं। मुझे उम्मीद है, आपको हमारी ये कवितायें बेहद पसंद आयी होंगी। क्योकी इस आर्टिकल में हमने मशहूर कवियों के द्वारा लिखी गई कवितायें शामिल की हैं,

अगर इस पोस्ट से जुड़ा कोई भी प्रश्न हो तो आप हमें कमेंट करके जरूर पुछें, और इस पोस्ट को Whatsapp, Facebook, Pinterest एवं अन्य सोशल मीडिया माध्यमों पर शेयर भी शेयर करें। और हमें भी Diwali की शुभकामनाएं भेंजे। धन्यवाद!

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