Gulzar Shayari [With Images] | 487+ गुलजार की शायरी (2022)

Gulzar Shayari : दोस्तों गुलजार साहब मशहुर शायरों में से एक हैं। इन्होंने अपनी मशहूर शायरियों और लेखन के माध्यम से से लोगों का दिल जीता है। इनकी शायरियां मन को आनंदित करने वाली होती है। गुलजार साहब ने अपने शेर और शायरियां को कई अलग-अलग भाषाओं लिखा है। साहित्य के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ होने के कारण सन 2004 में इन्हें पदम श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

दोस्तों गुलजार सर के पूरे दुनिया में बहुत अधिक प्रशंसक हैं। इनके शेर और शायरियां काफी दिलचस्प होती है। इसलिए दोस्तों आज की इस पोस्ट गुलजार शायरी में हमने गुलजार सर की कुछ चुनिंदा शायरियों gulzar shayari on dosti, gulzar shayari in hindi, gulzar shayari in hindi 2 line, gulzar shayari love, गुलज़ार शायरी इन हिंदी, गुलजार शायरी इमेज, hindi shayari by gulzar, gulzar love shayari को आपके साथ साझा किया है। तो दोस्तों इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें।

Gulzar shayari

gulzar shayari

कुछ इश्क़ मुझको दे दो इंकार मत करो तुम
दिल मेरा टुकड़े-टुकड़े हर बार मत करो तुम !

बदले हवाएं, फिजाएं, मौसम रुख अपना
पर तुम ऐसे ही रहना
लिख दूं तेरे इश्क पर किताब कई
गुलजार ना बन जाऊं तो कहना!

gulzar shayari alone

अगर जिंदगी में खुशियां है तो जिंदगी गुलजार है
अगर जिंदगी में गम है तो जिंदगी नागवार है !

मजहबो के बीच एक दीवार बन जाती है
बेच दिया जो दिल उसी का दीदार करती है!

gulzar shayari best

वह इंसानियत ही क्या जो
इंसान के दुख में साथी ना हो
जन्नत का नूर बरसता है उस पर
जो इंसान दुख में भागीदारी हो !

जुबा कटी थी उसकी ए गुलजार
कमबख्त ने कभी सच बोला होगा!

2 lines gulzar shayari

gulzar shayari breakup

मुझे जरूरत नहीं शराब की
उनकी आंखे इतनी नशीली है
देखकर ही मदहोश हो जाता हूं !

मयखाने सभी बंद है आज
दिलजलों के लिए यह कैसी सजा है
ए गुलजार तू ही कुछ लिख दे आज
सुना है एक एक शब्द में तेरे
सो बोतलों का नशा है!

gulzar shayari bewafa

तेरी मुस्कुराहट भी इस कदर कमाल करती है
बेजार मन को भी गुलजार करती है !

तेरा दीदार जैसे आई हो बहार
इस कदर तुझ पर है यह दिल कुर्बान!

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gulzar shayari barish

चंद्र सिक्कों के लिए बिक क्यों रहा है इंसान
जीत ऐसी बाद में फिर हार बन जाती है !

तुझे मैं कभी खोना नहीं चाहता
इसलिए तुझे पाने की कभी जिद ही नहीं की!

Gulzar shayari in hindi

gulzar shayari birthday

तुम्हारी चाहत मोहब्बत का एहसान था
जो दिल कभी गुलजार था आज वो शमशान है!

ख्वाब की पंखुड़ियों को
प्रेम-धुन में सजाया है मैंने
अब दिल की वाटिका को तुम
गुल ए गुलजार कर दो!

gulzar shayari bhai ke liye

आंसुओं का शायद इसीलिए कोई रंग नहीं होता
क्योंकि जब वे आते हैं कि कोई संग नहीं होता !

जो दूरियों से कायम रहा
वो एक रिश्ता दिल का गुलजार रहे
इश्क में हम डूबते गए तेरे
कभी इस बार तो कभी उस पार रहे!

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मेरा हक़ नहीं है तुम पर ये जानता हु मैं
फिर भी न जाने क्यों दुआओ में तुझको
मांगना अच्छा लगता है!

इश्क की साजिश से तो
पत्थर दिल भी पिघल जाते हैं
मोहब्बत के रंगों में खोकर
गुलजार महक से जाते हैं!

तुम बहुत बिखरे से लग रहे हो
तुम एक बार खुद को समझ कर तो देखो
जिंदगी भी गुलजार होगी बस एक बार
दुख में भी मुस्कुरा कर तो देखो!

Hindi shayari by gulzar

gulzar shayari dard bhari

जिंदगी मेरी गुलजार हो गई
बड़े दिनों बाद उनसे मुलाकात हो गई
हमने जो पलटकर देखा तो
ऐसा लगा कयामत से मुलाकात हो गई!

दिल को रुलाते हुए एहसासों को सजाते रहे
गम की दुनिया में बैठे कलम से लिखते रहे!

मैं रूठा हूं और तू मनाए मुझे
मैं भी कोई त्यौहार हो जाऊं
अपने होठों से मुझ को चख तो जरा
मैं भी शायद आज गुलजार हो जाऊं!

gulzar shayari dil se

वो मोहब्बत भी तुम्हारी थी
नफरत भी तुम्हारी थी
हम अपनी वफ़ा का इंसाफ
किससे माँगते वो शहर भी तुम्हारा था
वो अदालत भी तुम्हारी थी !

नज़र झुका के उठाई थी जैसे पहली बार,
फिर एक बार तो देखो मुझे उसी नज़र से!

कितनी लम्बी ख़ामोशी से गुज़रा हूँ
उन से कितना कुछ कहने की कोशिश की!

Heart touching gulzar shayari

gulzar shayari english mein

उम्र तो है मुट्ठी में फिसलती रेत सी
पकड़ा इसे किसने भला
जियो जो हर पल इसे भरपूर
तो फिर जिंदगी गुलजार है!

बदल जाओ वक़्त के साथ या वक़्त बदलना सीखो
मजबूरियों को मतं कोसो हर हाल में चलना सीखो!

कोई पुछ रहा हैं मुझसे मेरी जिंदगी की कीमत
मुझे याद आ रहा है तेरा हल्के से मुस्कुराना!

gulzar evening shayari

मिलता तो बहुत कुछ है इस ज़िन्दगी में
​ बस हम गिनती उसी की करते है
जो हासिल ना हो सका !

महफ़िल में गले मिलकर वह धीरे से कह गए,
यह दुनिया की रस्म है, इसे मुहोब्बत मत समझ लेना!

बहुत मुश्किल से करता हूँ तेरी यादों का कारोबार,
मुनाफा कम है लेकिन गुज़ारा हो ही जाता है!

पॉजिटिव कोट्स
सिस्टर कोट्स & शायरी
सैड कोट्स & शायरी
रोमांटिक कोट्स & शायरी
फैमिली कोट्स & शायरी

Gulzar shayari on zindagi

gulzar ehsaas shayari

बड़ी नादानी से पूछा उन्होंने क्या अच्छा लगता है
हमने भी धीरे से कह दिया एक झलक आपकी !

कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ,
किसी की आँख में हम को भी इंतज़ार दिखे!

सफल रिश्तों के बस यही उसूल है,
बातें भूलिए जो फिजूल है!

gulzar shayari on eyes

जो जाहिर करना पड़े वो दर्द कैसा
और जो दर्द न समझ सके
वो हमदर्द कैसा !

हसरत थी दिल में की एक खूबसूरत महबूब मिले
मिले तो महबूब मगर क्या खूब मिले!

रिश्तों की अहमियत समझा करो जनाब
इन्हे जताया नहीं निभाया जाता है!

Life gulzar shayari

gulzar shayari for love

तुम्हारे मिलते ही मेरी महफिल
फिर से गुलजार होगी थोड़ा सा
वक्त दो अपना फिर सारी कहानियां
तुम्हारे ही नाम होगी!

इतने लोगों में कह दो अपनी आँखों से,
इतना ऊँचा न ऐसे बोला करे
, लोग मेरा नाम जान जाते हैं!

बहुत अंदर तक जला देती हैं
वो शिकायते जो बया नहीं होती!

gulzar shayari for friends

तेरे होने से ही तो जिंदगी गुलजार है
तू मेरे चेहरे का नूर और मेरे दिल का करार है !

ये रात मेरे कानो मै बस इतना कह गयी
यार तेरी मोहब्बत तो अधूरी रह गयी!

धागे बड़े कमजोर चुन लेते हैं हम
और फिर पूरी उम्र गांठ
बांधने में ही निकल जाती है!

वो चीज जिसे दिल कहते हैं,
हम भूल गए हैं रख कर कहीं!

Gulzar shayari about love

gulzar shayari for wife

इश्क का रंग और भी गुलजार हो जाता है
जब दो शायरों को एक दूसरे से प्यार हो जाता है !

मन की पीड़ा को मैं
तुमसे बताऊ कैसे?
ऐ इश्क़ बता मे खुद को
आत्मनिर्भर बनाऊं कैसे?

तेरे जाने से कुछ बदला तो नहीं
रात भी आई थी और
चाँद भी मगर नींद नहीं!

तेरे बिना ज़िन्दगी से कोई शिकवा तो नहीं,
तेरे बिना ज़िन्दगी भी लेकिन ज़िन्दगी तो नहीं!

gulzar shayari for girl

सुना हैं काफी पढ़ लिख गए हो तुम
कभी वो भी पढ़ो जो हम कह नहीं पाते हैं !

जो दुरियो में भी कायम रहा
वो इश्क़ ही कुछ और था!

कोई पूछ रहा है मुझसे अब मेरी ज़िन्दगी की कीमत,
मुझे याद आ रहा है हल्का सा मुस्कुराना तुम्हारा!

तुम हिंदी का शब्द हो तो मै गणित का
सवाल मेरा हल तो एक है तेरा अर्थ हज़ार!

Gulzar ki shayari

gulzar shayari fb

खुरच ले गम को अपने खुशी के तिनके से
की हर जख्म का लम्हा बेजार हो जाए
ठहरे ना हताश दिल पर तुम्हारे
खुश्क जहां फिर गुलजार हो जाए !

एक खूबसूरत सा रिश्ता खत्म हो गया,
हम दोस्ती निभाते रहे और उसे इश्क़ हो गया!

मोहब्बत ज़िन्दगी बदल देती है,
मिल जाए तब भी और ना मिले तब भी!

उस पर मर मीटे थे हम और
उसी ने मरा हुआ मान लिया!

gulzar shayari friendship

दुनिया में कोई किसी का दर्द नहीं अपनाता है
लोग हवा का रुख देखकर ही बदल जाते हैं !

दिल अगर है तो दर्द भी होगा,
इसका शायद कोई हल नहीं होगा!

सुनो, ज़रा रास्ता तो बताना
मोहब्बत के सफ़र से वापसी है मेरी!

इन बादलों के बीच कही खो गया है,
सुना है मेरा चाँद किसी और का हो गया है!

हम ने अक्सर तुम्हारी राहों में
रुक कर अपना ही इंतज़ार किया!

हम अपनों से परखे गए हैं कुछ गैरों की तरह,
हर कोई बदलता ही गया हमें शहरों की तरह!

Gulzar shayari on life

gulzar shayari on ghar

बहुत खुशनसीब होता है वह इंसान
जिसे वह सब बिना मांगे मिल जाता है
जो कोई दुआओं में मांग रहा होता है !

ये इश्क़ मोहब्बत की रिवायत भी अजीब है
पाया नहीं है जिसको उसे खोना भी नहीं चाहते!

बदन के दोनों किनारों से जल रहा हु मै
के छू रहा हु तुझे और पिघल रहा हु मै!

दुपट्टा क्या रख लिया सर पे
वो दुल्हन नजर आने लगी
उसकी तो अदा हो गयी
जान हमारी जाने लगी!

तन्हाई अच्छी लगती है सवाल तो बहुत करती,
पर जवाब के लिए ज़िद नहीं करती!

तेरी चुप्पी गर तेरी कोई मज़बूरी है तो
रहने दे इश्क़ कौन सा जरुरी है!

Shayari by gulzar on love

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तेरी यह कातिलाना नजरें भी
खूब कमाल करती हैं
टकराती है नजरों से और
दिल में बवाल करती हैं !

उस उम्र से हमने तुमको चाहा है,
जिस उम्र में हम जिस्म से वाकिफ ना थे!

ज़िंदगी से वादा यूँ भी निभाना पड़ गया
खुल के रोना चाहा था मुस्कुराना पड़ गया!

समेट लो इन नाजुक पलो को
ना जाने ये लम्हे हो ना हो,
हो भी ये लम्हे क्या मालूम शामिल
उन पलो में हम हो ना हो!

यूँ तो रौनकें गुलज़ार थी महफ़िल,
उस रोज़ हसीं चहरों से जाने कैसे उस
पर्दानशी की मासूमियत पर हमारी धड़कने आ गई!

इस दिल का कहा मनो एक काम कर दो,
एक बेनाम सी मोहब्बत मेरे नाम करदो!

गुलजार शायरी

gulzar shayari heart touching

एक सपने के टूटकर चकनाचूर हो जाने के बाद
दूसरा सपना देखने के हौसले का नाम जिंदगी हैं !

अकेले खुश हु अब मैं परेशान मत कर
इश्क़ है तो इश्क़ कर एहसान मत कर!

मैं चुप कराता हूं हर शब उमड़ती बारिश को,
मगर ये रोज़ गई बात छेड़ देती है!

कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ,
किसी की आँख में हम को भी इंतज़ार दिखे!

कुछ सुनसान पड़ी है ज़िंदगी
कुछ वीरान हो गए है हम
जो हमें ठीक से जान भी नहीं पाया
खामखां उसके लिए परेशान हो गए है हम!

तुझे भूल जाने के लिए क्या क्या
कर रहा हु मै, अंशु, ख़ामोशी, उदासी
सभी की कीमत अदा कर रहा हु मै!

Gulzar shayari heart touching

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खता मेरी ही थी जो तुझ पर ऐतबार किया
लुटा कर सर्वस्व अपना बस तुझसे प्यार किया !

इतना क्यों सिखाई जा रही हो जिंदगी,
हमें कौन से सदिया गुजारनी है यहां!

ख़ुशबू जैसे लोग मिले अफ़्साने में
एक पुराना ख़त खोला अनजाने में!

मोहब्बत और इज़्ज़त इतनी मत देना
कि वो आपकी कदर ही भूल जाये!

मैं दिया हूँ! मेरी दुश्मनी तो सिर्फ अँधेरे से हैं,
हवा तो बेवजह ही मेरे खिलाफ हैं!

मेरी ख़ामोशी में सन्नाटा भी है, शौर भी है
तूने देखा ही नहीं आँखों में कुछ और भी है!

(Source : Heart Touching Shayari)

Final words on Gulzar shayari


आज यह पोस्ट gulzar shayari आपको कैसी लगी हमें पूरी उम्मीद है कि आपको यह पोस्ट बहुत अच्छी लगी होगी अगर आप भी गुलजार सर की किसी मशहूर शायरी को हम तक पहुंचाना चाहते हैं तो कमेंट करके आप बता सकते हैं दोस्तों अगर यह पोस्ट अच्छी लगी है, तो सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करना

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