कोविड-19 पर निबंध | Coronavirus Essay In Hindi (2022)

नमस्कार दोस्तों, आज की पोस्ट coronavirus essay in hindi में आपका स्वागत है। आज हमने कोरोना महामारी से जुड़े खास व सबसे बेहतरीन निबंधो का संग्रह किया है, जिन्हे आप सोशल मीडिया पर शेयर करके लोगों को जागरूक कर सकते हैं। हम सभी जानते हैं, कि कोरोना एक वैश्विक महामारी है। जो लगभग पूरे विश्व में फैल चुका है और करोड़ों लोगों की जान ले चुका है। हाँलाकि लोग स्वस्थ भी हुये हैं लेकिन साथ ही इस बीमारी को लेकर लोगों के मन में कई तरह की भ्रांतियाँ हैं। इसलिये लोगों को इसके प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है।

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Coronavirus Essay in hindi – कोविड-19 पर निबन्ध


Covid-19 Per Nibandh

प्रस्तावना

COVID-19 वायरस आज भारत समेत दुनिया भर में स्वास्थ्य और जीवन के लिये गंभीर चुनौती बनकर खड़ा है। अब पूरी दुनिया में इसका असर भी दिखने लगा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन world health organization के अनुसार लगभग 70 देशों में 95000 से अधिक लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं।

दुखद बात यह है कि अब तक पूरे विश्व में इस संक्रमण से लगभग 3221 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। जनसंख्या घनत्व, गरीबी और अशिक्षा जैसे कारकों के साथ भारत का अपर्याप्त स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचा भारत को COVID-19 के लिये अत्यधिक संवेदनशील बनाता है। स्वास्थ्य मंत्रालय अपने एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम नेटवर्क के माध्यम से उन लोगों का पता लगाने का प्रयास कर रहा है जो उन 28 लोगों के संपर्क में आए हैं। चूँकि COVID-19 एक श्वसन आधारित वायरस है, इसलिये यह कुछ ही समय में फैल सकता है और महामारी में बदल सकता है।

पृष्ठभूमि

  • 31 दिसंबरए 2019 को चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर में अज्ञात कारण से निमोनिया के मामलों में हुई अत्यधिक वृद्धि के कारण कोरोना वायरस COVID-19 का प्रकोप सामने आया।
  • तत्पश्चात विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा इसे वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया गया। शीघ्र ही यह बीमारी चीन और दुनिया के बाकी हिस्सों में फैल गई। पहले इस वायरस को SARS-CoV-2 नाम दिया गया, जिसका बाद में COVID19 नाम से आधिकारिक नामकरण किया गया।
  • पोलीमरेज़ चेन रिएक्शन टेस्ट COVID-19 वायरस के लिये पहला परीक्षण है, जिसके तहत सभी संदिग्ध रोगियों का परीक्षण किया जाता है।
  • यदि इस टेस्ट में परिणाम सकारात्मक रहता है तो पुष्टि के लिये नमूना पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (National Institute of Virology-NIV) को भेजा जाता है, जो कि वर्तमान में जीनोम अनुक्रमण करने वाली एकमात्र सरकारी प्रयोगशाला है।

COVID-19 क्या है ?

  • WHO के अनुसार, COVID-19 में CO का तात्पर्य कोरोना से है, जबकि VI विषाणु को, D बीमारी को तथा संख्या 19 वर्ष 2019 (बीमारी के पता चलने का वर्ष) को चिन्हित करता है।
  • WHO द्वारा इसका नामकरण वैश्विक एजेंसी विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन और खाद्य एवं कृषि संगठन द्वारा वर्ष 2015 में जारी दिशा-निर्देशों के अंतर्गत किया गया है।

चीन क्यों है वायरस के प्रति अति संवेदनशील ?

  • ऐसे स्थान जहाँ मनुष्यों और जानवरों में अनियमित रक्त और अन्य शारीरिक संपर्क जैसा संबंध स्थापित होता है, वहाँ पर इस वायरस का अधिक प्रसार होता है।
  • चीन के पशु बाज़ार ऐसे ही स्थलों के उदाहरण हैं जहाँ जानवरों से मनुष्यों में वायरस के संचरण की अधिक संभावना है।
  • चीन के बाज़ारों में कई जानवरों का माँस बिकने के कारण ये बाज़ार मानव में वायरस की प्रायिकता को बढ़ा देते हैं।
  • जब एक बड़ा मानव समुदाय इस वायरस के संचरण शृंखला में शामिल हो जाता है तो उत्परिवर्तन (Mutation) की स्थिति उत्पन्न होती है जो कि मानव समुदाय के लिये घातक सिद्ध होती है।

वायरस के प्रति भारत की सुभेद्यता

  • दुनिया भर से आने वाले लोगों की बड़ी संख्या के कारण किसी भी बीमारी के प्रति भारत स्थित हवाई अड्डे एक हॉटस्पॉट के रूप में हो सकते हैं।
  • भारत की आबादी का एक बड़ा वर्ग सार्वजनिक परिवहन का प्रयोग करता है, जो COVID-19 के प्रसार को तेज़ कर सकता है।
  • हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर लगे थर्मल स्क्रीनिंग जैसे उपकरण भी COVID-19 वायरस से संक्रमित व्यक्तियों की पहचान नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि संक्रमित व्यक्ति में ऊष्मायन अवधि (Incubation Period) के दौरान इसके लक्षण प्रकट नहीं हो रहे हैं।
  • COVID-19 वायरस की जाँच के लिये किया जा रहा आणविक परीक्षण भी संदेहास्पद है क्योंकि इसके अधिकांश परिणाम गलत रहे हैं।
  • भारत में भौतिक और मानवीय संसाधन के स्तर पर स्वास्थ्य अवसंरचना अपर्याप्त है।
  • लोगों में स्वास्थ्य व स्वच्छता के प्रति जागरूकता का अभाव है।

वायरस के लक्षण

  • इसके सामान्य लक्षणों में खाँसी, बुखार और श्वसन क्रिया में रुकावट मुख्य लक्षण हैं।
  • वहीं गंभीर संक्रमण में निमोनिया, किडनी का फेल होना शामिल है जिससे मनुष्य की मृत्यु तक हो सकती है।

संक्रमण रोकने हेतु उपाय

  • यदि बुखार, खाँसी और साँस लेने में कठिनाई हो रही है तो जल्दी से चिकित्सक से संपर्क करना और अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के साथ पिछली यात्रा के बारे में जानकारी साझा करना।
  • बुखार और खाँसी से प्रभावित किसी भी व्यक्ति के निकट संपर्क से बचना।
  • खाँसते या छींकते समय मुँह और नाक को ढकना।
  • अल्कोहल-आधारित साबुन और पानी का उपयोग करके हाथ साफ करना।
  • सभी लोगों को भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचना चाहिये।
  • कच्चे या अधपके पशु उत्पादों के सेवन से बचना।

क्या यह वायरस महामारी है ?

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अब तक इसे महामारी घोषित नहीं किया है। WHO के अनुसार, यदि कोई बीमारी जो पूरे विश्व में फैल जाती है, तभी उसे महामारी के अंतर्गत रखा जाता है। पर जिस तरह से यह बीमारी चीन के बाहर भी अपने पैर पसार रही है, वह निश्चित ही चिंता का विषय है।
  • चूँकि यह बीमारी कमज़ोर इम्यून सिस्टम (प्रतिरक्षा तंत्र) वाले लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को आसानी से अपना शिकार बनाती है, इसलिये इससे घबराने की जगह इससे बचाव किया जाना बेहतर विकल्प है।
  • इस बीमारी से बचा जा सकता है। दुनिया भर में करीब 51,000 लोग इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं। जो इस बात का स्पष्ट सबूत है कि इससे निपटा जा सकता है।

सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कदम

  • प्राकृतिक या मानवजनित बड़ी आपदाओं से निपटने के लिये बनाए गए राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (National Crisis Management Committee-NCMC) के माध्यम से सामाजिक संगठनों, विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में समन्वय स्थापित किया जाना चाहिये।
  • एक समर्पित वेब पोर्टल स्थापित किया जाना चाहिये, जिसमें प्रमुख संकेतक, रोग की पहचान संबंधी दिशा-निर्देश, जोखिम संचार सामग्री और उपायों की कार्ययोजना शामिल हो।
  • सरकार को अधिक से अधिक अत्याधुनिक उपकरणों से लैस प्रयोगशालाओं को स्थापित करना चाहिये, ताकि व्यक्ति में संक्रमण की पूरी तरह से पुष्टि हो सके।
  • सरकार को आइसोलेशन वार्ड की सुविधा के साथ, सेपरेशन किट, मास्क इत्यादि की व्यवस्था करनी चाहिये।
  • सरकार द्वारा सभी हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर विदेश से आने वाले सभी व्यक्तियों की गहन जाँच की व्यवस्था करनी चाहिये।
  • स्वास्थ्य मंत्रालय को ट्रैवल एडवाइज़री भी ज़ारी करना चाहिये।

बचाव

  • कोरोना वायरस से बचाव की तैयारी न केवल सरकार का उत्तरदायित्व है बल्कि सभी संस्थानोंए संगठनों, निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों, यहाँ तक कि सभी व्यक्तियों को आकस्मिक और अग्रिम तैयारी योजनाएँ बनाना चाहिये।
  • बड़े पैमाने पर व्यवहार परिवर्तन एक सफल प्रतिक्रिया की आधारशिला होगी। इसके लिये उचित जोखिम उपायों और सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रति एक नवीन एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।
  • सही जानकारी ही बचाव का बेहतर विकल्प है, इसलिये सरकारए सामाजिक संगठनों तथा लोगों को सही दिशा-निर्देशों का प्रसार करना चाहिये।

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coronavirus in hindi
Covid-19 Per Nibandh Image

प्रस्तावना

विश्व स्वास्थ्य संगठन या WHO द्वारा कोरोना वायरस यानी COVID-19 को महामारी घोषित कर दिया है। यह बीमारी सबसे पहले 2019 में चीन में देखी गई थी। कोरोना वायरस की शुरुआत चीन के वुहान शेहेर से दिसंबर 2019 से हुई थी। इस वायरस की चपेट में पूरा विश्वास आ चुका है जिससे करोड़ों लोगों की जान चली गई वह कई देश की आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह से बिखर गई।

क्या है कोरोना वायरस ?

  • यह एक बहुत बड़ी महामारी है।
  • कोरोना वायरस का आकार इतना छोटा है कि इससे नॉर्मल तरीके से देखने संभव नहीं है, इसे देखने के लिए माइक्रोस्कोप का प्रयोग करना पड़ता है।
  • जब कोई संक्रमित व्यक्ति खासता है तो यह वायरस हवा में फैल जाता है।
  • यह आसानी से एक से दूसरे व्यक्ति में आ सकता है।
  • कुछ लोग के संक्रमित होने के बावजूत, इनमे कोई लक्षण दिखाई नही देते है। कोई लक्षण ना दिखने पर भी ये संक्रमण हो सकते है।

कोरोना वायरस से कैसे बचे ?

  • मास्क पहनना जरुरी।
  • कोरोना संक्रमित क्षेत्रों से बचना जरुरी।
  • सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरुरी।
  • अनजान वस्तु को हाथ ना लगाना।
  • हाथो का मसलकर धोना।
  • सैनिटाइजर का उपयोग करना जरुरी।
  • जितना हो सके घर ही रहना।
  • बाहर का खाना खाने से बचना चाहिए।
  • पौष्टिक आहार खाना चाहिए।

कोरोना वायरस के लक्षण

  • बुखार
  • सर्दी और खांसी
  • गले में खराश
  • शरीर में थकान
  • स्वाश की तकलीफ
  • लंबे समय तक थकान

कोरोना वायरस कैसे फैलता है ?

  • किसी भी व्यक्ति जिनमें इस वायरस का संक्रमण है, जब खांसता, छीकता है या सांस छोड़ता है तो उसके नाक या मुंह से निकली छोटी बूंदों से यह रोग दूसरे में फैल सकता है।
  • ये बेहद नन्ही बूंदें उस व्यक्ति के आस-पास की दूसरी चीजों और सतहों पर भी गिर सकती है।
  • दूसरा व्यक्ति उस सामान या सतह के संपर्क में आने के बाद अपने मुंह, नाक या आंख को छूने से भी COVID-19 से संक्रमित हो सकता है।
  • लोग संक्रमित व्यक्ति के खांसने या सांस छोड़ने से निकली बूंदों को सांस के जरिए अंदर लेने से भी संक्रमित हो सकते हैं।

निष्कर्ष

कोरोना वायरस यह एक बहुत बड़ी महामारी है। भारत का हर एक नागरिक को सरकार द्वारा दिए गए नियम ( मास्क लगानाए दो गज की दूरी को पालन करना होगा) यदि हर एक व्यक्ति पूरी तरह से जागृत हो जाता है और नियम का पालन करता है, तो अवश्य आने वाले कुछ समय में हमारा भारत देश पूरी तरह से कोरोना वायरस जैसी महामारी के चपेट से बाहर आजाएगा।

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प्रस्तावना

31 दिसम्बर 2019 में चाइना के वुहान शहर में एक ऐसे virus का पता लगा जिसका प्रकोप व्यक्ति से व्यक्ति में फैलता ही जा रहा था। और इस virus का कोई भी उपचार (इलाज) संभव नहीं हो पा रहा था। WHO (World Health Organization) में जांच के दौरान पता लगाया गया कि यह महामारी एक कोरोना वायरस के कारण फैल रही हैं। इस वायरस का नाम कोरोना वायरस या Covid-19 नाम से जाना गया। यह SARS-CoV-2 नामक बीमारी के कारण फैला वायरस है। इस वायरस से फैली बीमारी को महीनों की प्रयासरत जांचों के द्वारा महामारी का नाम दिया गया है।

कोरोना वायरस का वातावरण पर प्रभाव

कोरोना वायरस ने जहां एक ओर मानव जीवन पर बहुत ही घातक प्रभाव डाला वहीं इस वायरस के कारण लगने वाले लॉकडाइन से हमारे वातावरण पर इसका बहुत ही अनुकूल प्रभाव देखने को मिला है। लॉकडाइन की स्थिति में लोगों की आवाजाही को बंद कर दी गयी। जिससे वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण के स्तर में गिरावट से स्वच्छ वातावरण देखने को मिला। लोगों का धार्मिक स्थलों पर जाकर नदियों में कचरा करना एवं फेक्ट्रीयों से निकलने वाले अपशिष्ट की रोक से नदियां साफ एवं स्वच्छ हो गयी।

कोरोना वायरस के चरण

संपूर्ण विश्व में कोरोना वायरस तीन चरणों में फैला है :-

  • प्रथम चरण में व्यक्ति को इस वायरस से संक्रमित होने का पता नहीं लगता था।
  • दूसरे चरण के दौरान व्यक्ति को कुछ शारीरिक समस्याएं उत्पन्न होने लगती थीं। जिसके कारण उसका स्वास्थ्य में गिरावट होना प्रारंभ हो जाता था।
  • तृतीय चरण में पीडित के साथ ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाती थी। कि उसे बीमारी के उपचार के लिये चिकित्सालयों में ले जाना आवश्यक हो जाता था। जिसमें रोगी की गंभीर स्थिति में मौत होना तय होती थी।

मानव जीवन पर कोरोना वायरस का प्रभाव

मानव जीवन पर कोरोना वायरस महामारी का प्रभाव बहुत ही गहरा पडा है। लोग सदमें में जीने लगे। अपने अपने घरों में बंद हो गये। अपने परिवार के लोगों से सामाजिक दूरी बना ली। लोगों के रोजगार मिलना बंद हो गये। लाखों लोगों का रोजगार छूटने से घर में अकाल की स्थिति पैदा होने लगी एवं घरेलू सामग्री की सप्लाई बंद होने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। परिवार में किसी व्यक्ति को कोरोना वायरस के लक्षण दिखने पर या मृत्यू हो जाने पर पूरे परिवार को मिलने की अनुमति नहीं दी जाती थी।

अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

वुहान शहर से आये कोरोना वायरस ने संपूर्ण विश्व की अर्थव्यवस्था मंदी की ओर अग्रसर हो गयी। बडे-बडे उद्योग बंद हो गये। सभी तरह के यातायात के साधन बंद हो गये एवं सभी तरह के पेट्रोल पंप शराब खाने बंद हो गये। जिनसे सबसे अधिक राजस्व की प्राप्ति सरकार को प्राप्त होती थी। किन्तु इस महामारी के फैलने से सभी तरह के राजस्व मिलने बंद हो गये। जिससे अर्थव्यवस्था पिछले दस सालों में सबसे निचले स्तर पर आ गयी। साथ ही भारत की जीडीपी दर भी गिरकर नीचे पहुंच गयी।

कोरोना वायरस से बचाव के उपाय

कोरोना वायरस से बचाव के लिये WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) के द्वारा कई सुझाव निर्देश दिये गये हैं। कोरोना वायरस से बचाव के उपायों में एक व्यक्ति को घर में रहने से लेकर घर से बाहर निकलने के दौरान कई सावधानियां रखनी पडती हैं।

  • लोगों से 6 फिट की दूरी बनाये रखना।
  • माक्स को हमेशा पहने रखना।
  • अपने हाथों को किसी भी अनजानी वस्तु से छूने से बचना।
  • अपने हाथों से अपने या किसी के चेहरे को ना छूना।
  • अपने हाथों को बार-बार सेनेटाइज करना।
  • कोरोना वायरस से बचाव के लिये शारीरिक क्षमता को बढाने के लिये इम्यूनिटी ड्रिंक का सेवन करना।

आइसोलेशन और क्वारनटाइन

आइसोलेशन (अलगाव) और क्वॉरनटाइन (संगरोध) यह दोनों अलग-अलग बातें नहीं हैं। कहीं ना कहीं इनका एक दूसरे से संबंध एक जैसा ही है। क्वॉरनटाइन (संगरोध) का प्रयोग किसी ऐसे व्यक्ति के लिये किया जाता है। जो कोविड-19 वायरस से संक्रमित किसी व्यक्ति के संपर्क में आ चुका है। और वह संक्रमित हो सकता है। या हो गया है। तो ऐसी स्थिति में क्वॉरनटाइन(संगरोध) का उपयोग किया जाता है।

इस प्रिक्रिया में ऐसे व्यक्ति को एक निर्दिष्ट सुविधा या फिर अपने घर पर ही स्थान देने की सुविधा प्रदान की जाती है। जिसका समय 14 दिनों का रहता है।

इसके अतिरिक्त आइसोलेशन (अलगाव) का उपयोग ऐसे व्यक्ति के लिये किया जाता है। जो पूर्णत: कोरोना वायरस की जद में आ चुका है एवं उसके उपचार के लिये चिकित्सालयों में एक अलग कमरे की व्यवस्था की जाती है। जिसमें पीडित व्यक्ति का रोजाना चेकअप एवं इम्यूिनिटी को बढाने के लिये कई प्रकार की मेडिसिन उपलब्ध कराई जाती है। आइसोलेशन में व्यजक्ति जब तक कोरोना वायरस के लक्षणों से छुटकारा नहीं पा लेता उसे डिस्चासर्ज नहीं किया जाता है।

कोरोना वायरस के लक्षण

  • लक्षण बुखार आना,
  • सूखी खांसी होना
  • थकान होना।

इसके कई विशेष लक्षण तो अधिक प्रभावशाली हैं

  • स्वाद या फिर गंध का नुकसान होना है
  • पीडित की नाक बंद होना
  • आंखों का लाल हो जाना
  • गले में खरास हो जाना
  • सिर में हमेशा दर्द रहना
  • शरीर पर लाल चक्ते पडना
  • उल्टीयां या दस्त होना
  • ठंड लगना
  • मांसपेशियों में खिचाव
  • जोडो में दर्द
  • चक्कर आना

यदि किसी रोगी को सांस लेने में परेशानी, भूख में कमी, सीने में दर्द की समस्या, चिडचिडापन, दौरे पडना, नींद से संबंधित बीमारियां, मस्तिष्क में सूजन, तंत्रिका की क्षति, ऐसे रोगियों को चिकित्सा (उपचार) करना आवश्यक है।

निष्कर्ष

कोरोना वायरस महामारी ने संपूर्ण विश्व में व्यापक रूप से हानि पहुंचाई है। इस महामारी से छुटकारा या इसके लक्षणों को कम करने के लिये विभिन्न देशों की सरकारों ने कई उपयों के द्वारा इसे स्थिरिता देने की पेशकस की है। जिसमें लॉकडाउन का अत्याधिक महत्व है। इस दौरान वर्क फ्रोम होम की योजना भी काफी हद तक सफल होती दिखी है। सरकार द्वारा कई आदेश जारी किये गये। जिसमें वायरस से पीडित व्यक्तियों को राज्य सरकार द्वारा लागु किये गये हेल्पलाइन नम्बर पर कॉल कर चिकित्सा उपलब्ध कराने का वादा किया गया है।


Coronavirus Nibandh – कोरोना वायरस पर निबंध


essay on corona
Covid 19 Essay In Hindi

प्रस्तावना

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया है। कोरोना वायरस बहुत सूक्ष्म एव्म प्रभावी वायरस है। यह मानव के बाल की तुलना में 900 गुना छोटा हैए और यह संक्रमण दुनियाभर में तेजी से फ़ैल रहा है।

कोरोना वायरस क्या है ?

कोरोना वायरस (सीओवी) का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है। इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है। इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था। (WHO) के मुताबिक बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं। अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना है।

इसके संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है।

कोरोना से मिलते-जुलते वायरस खांसी और छींक से गिरने वाली बूंदों के ज़रिए फैलते हैं। कोरोना वायरस अब चीन में उतनी तीव्र गति से नहीं फ़ैल रहा है जितना दुनिया के अन्य देशों में फैल रहा है। कोविड-19 नाम का यह वायरस अब तक 70 से ज़्यादा देशों में फैल चुका है। कोरोना के संक्रमण के बढ़ते ख़तरे को देखते हुए सावधानी बरतने की ज़रूरत है ताकि इसे फैलने से रोका जा सके।

बीमारी के लक्षण

कोविड-19 कोरोना वायरस में पहले बुख़ार होता है। इसके बाद सूखी खांसी होती है और फिर एक हफ़्ते बाद सांस लेने में परेशानी होने लगती है।

इन लक्षणों का हमेशा मतलब यह नहीं है कि आपको कोरोना वायरस का संक्रमण है। कोरोना वायरस के गंभीर मामलों में निमोनिया, सांस लेने में बहुत ज़्यादा परेशानी, किडनी फ़ेल होना और यहां तक कि मौत भी हो सकती है।

बुजुर्ग या जिन लोगों को पहले से अस्थमा, मधुमेह या हार्ट की बीमारी है उनके मामले में ख़तरा गंभीर हो सकता है। ज़ुकाम और फ्लू में के वायरसों में भी इसी तरह के लक्षण पाए जाते हैं।

कोरोना वायरस का संक्रमण होने पर

  • इस समय कोरोना वायरस का कोई इलाज नहीं है लेकिन इसमें बीमारी के लक्षण कम होने वाली दवाइयां दी जा सकती हैं।
  • जब तक आप ठीक न हो जाएं, तब तक आप दूसरों से अलग रहें।
  • कोरोना वायरस के इलाज़ के लिए वैक्सीन विकसित करने पर काम चल रहा है।
  • इस साल के अंत तक इंसानों पर इसका परीक्षण कर लिया जाएगा।
  • कुछ अस्पताल एंटीवायरल दवा का भी परीक्षण कर रहे हैं।

बचाव के उपाय

  • स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
  • इनके मुताबिक हाथों को साबुन से धोना चाहिए।
  • अल्कोहल आधारित हैंड रब का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
  • खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्यू पेपर से ढंककर रखें।
  • जिन व्यक्तियों में कोल्ड और फ्लू के लक्षण होंए उनसे दूरी बनाकर रखें।
  • अंडे और मांस के सेवन से बचें।
  • जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें।

मास्क कौन पहनें ?

  • अगर आप स्वस्थ हैं तो आपको मास्क की जरूरत नहीं है।
  • अगर आप किसी कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति की देखभाल कर रहे हैं, तो आपको मास्क पहनना होगा।
  • जिन लोगों को बुखारए कफ या सांस में तकलीफ की शिकायत है, उन्हें मास्क पहनना चाहिए और तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

मास्क पहनने का तरीका

  • मास्क पर सामने से हाथ नहीं लगाना चाहिए।
  • अगर हाथ लग जाए तो तुरंत हाथ धोना चाहिए।
  • मास्क को ऐसे पहनना चाहिए कि आपकी नाक, मुंह और दाढ़ी का हिस्सा उससे ढंका रहे।
  • मास्क उतारते वक्त भी मास्क की लास्टिक या फीता पकड़कर निकालना चाहिएए मास्क नहीं छूना चाहिए।
  • हर रोज मास्क बदल दिया जाना चाहिए।

कोरोना का संक्रमण फैलने से कैसे रोकें ?

  • करोना से जंग है जारी लापेरवाही पड़ सकती है भारी
  • सार्वजनिक वाहन जैसे बसए ट्रेनए ऑटो या टैक्सी से यात्रा न करें।
  • घर में मेहमान न बुलाएं।
  • घर का सामान किसी और से मंगाएं।
  • ऑफ़िस, स्कूल या सार्वजनिक जगहों पर न जाएं।
  • अगर आप और भी लोगों के साथ रह रहे हैं, तो ज़्यादा सतर्कता बरतें।
  • अलग कमरे में रहें और साझा रसोई व बाथरूम को लगातार साफ़ करें।
  • 14 दिनों तक ऐसा करते रहें ताकि संक्रमण का ख़तरा कम हो सके।
  • अगर आप संक्रमित इलाक़े से आए हैं या किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में रहे हैं तो आपको अकेले रहने की सलाह दी जा सकती है। अत: घर पर रहें।

निष्कर्ष

लगभग 18 साल पहले सार्स वायरस से भी ऐसा ही खतरा बना था। 2002-03 में सार्स की वजह से पूरी दुनिया में 700 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। पूरी दुनिया में हजारों लोग इससे संक्रमित हुए थे। इसका असर आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ा था। कोरोना वायरस के बारे में अभी तक इस तरह के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं कि कोरोना वायरस पार्सल, चिट्टियों या खाने के ज़रिए फैलता है। कोरोना वायरस जैसे वायरस शरीर के बाहर बहुत ज़्यादा समय तक ज़िंदा नहीं रह सकते।

कोरोना वायरस को लेकर लोगों में एक अलग ही बेचैनी देखने को मिली है। मेडिकल स्टोर्स में मास्क और सैनेटाइजर की कमी हो गई हैए क्योंकि लोग तेजी से इन्हें खरीदने के लिए दौड़ रहे हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन, पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड और नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) से प्राप्त सूचना के आधार पर हम आपको इस वायरस से बचाव के तरीके बता रहे हैं। एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्क्रीनिंग हो या फिर लैब में लोगों की जांच, सरकार ने इस वायरस से निपटने के लिए कई तरह की तैयारी की है। इसके अलावा किसी भी तरह की अफवाह से बचने, खुद की सुरक्षा के लिए कुछ निर्देश जारी किए हैं जिससे कि इस वायरस से निपटा जा सकता है।


Corona Par Nibandhकोरोना पर निबंध


corona par nibandh in hindi 100 words

प्रस्तावना

कोरोनावायरस को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने महामारी घोषित कर दिया है। कोविड-19 का संक्रमण बहुत जल्दी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इसलिए इस वायरस से बचाव के लिए सरकार द्वारा सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

कोरोनावायरस क्या है ?

यह एक ऐसा संक्रमण है जिसमें व्यक्ति को सर्दी-जुकाम और सांस लेने जैसी समस्या हो सकती है।
यदि किसी व्यक्ति को कोरोना हुआ है, तो वायरस उस व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बहुत जल्दी ट्रांसफर होता है इसलिए इससे बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की सलाह दी जा रही है।
सरकार सामाजिक दूरी बनाए रखने पर जोर दे रही है ताकि इस वायरस से बचा जा सके। यही कारण है कि पूरे देश में लॉकडाउन किया गया।

कोरोनावायरस के लक्षण

यह वायरस दिसंबर में सबसे पहले चीन में सामने आया था और तब से यह बड़ी तेजी से दूसरे देशों में भी पहुंच रहा है। इस बीमारी के लक्षणों की बात करें तो यह सामान्य सर्दी-जुकाम या निमोनिया जैसा होता है। इस वायरस का संक्रमण होने के बाद बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्याएं होती हैं। यह वायरस एक से दूसरे व्यक्ति में बहुत आसानी से फैलता है इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है।

कोरोना से बचाव के लिए

  • कोरोना से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग रखना जरूरी है।
  • हाथों को बार-बार धोना है और सफाई का पूरा ध्यान रखना है।
  • मास्क का इस्तेमाल करें।
  • हाथ मिलाने की जगह नमस्ते करने की आदत बनाएं।
  • घर में लाई गई किसी भी चीज को पहले सैनिटाइज करें, फिर उसका इस्तेमाल करें।
  • मोबाइल व लैपटॉप को भी समय-समय पर साफ करते रहें।
  • चेहरे और आंखों पर हाथों से टच नहीं करना है। यदि आपकी चेहरे को बार-बार टच करने की आदत है, तो इसे तुरंत बदल डालें।
  • छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढंकें।
  • इस्तेमाल किए गए टिशू को तुरंत बंद डिब्बे में फेंकें।
  • अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाएं जिसके लिए आप अपनी डाइट में पौष्टिक चीजों को शामिल करें।
  • दिनभर में कम से कम 1 बार हल्दी वाले दूध का सेवन जरूर करें।
  • गुनगुना पानी पीने की आदत डालें।
  • अपने तापमान और श्वसन लक्षणों की जांच नियमित रूप से करें।

निष्कर्ष

कोरोनावायरस से बचने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। शोधकर्ता वैज्ञानिक इस वायरस से छुटकारा पाने के लिए दवा बनाने में जुटे हुए हैं। सरकार द्वारा लगातार इस खतरनाक बीमारी से बचने के लिए कठोर कदम उठाए जा रहे हैं ताकि इस महामारी से निजात पा सकें। वर्तमान में भारतए रूस समेत अन्य देशों ने वैक्सीन जारी की है। भारत द्वारा 2 वैक्सीन का निर्माण किया गया है। कोविशील्ड और कोवैक्सीन इनका उत्पादन भारत में किया जा रहा है। हम सबकी जिम्मेदारी बनती है कि नियमों का कड़ाई से पालन करें ताकि हम देश को रोगमुक्त कर सकें।

कोरोना योद्धाओं के हौसलों को, आओ मिलकर और बढ़ाते हैं।
सहयोगए समर्पण, दृढ़ विश्वास से, कोरोना को हराते हैं।।

(Source : Optometry Academy)

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